उच्च शिक्षा का उद्देश्य छात्रों को लोकतंत्र के लिए तैयार करना होना चाहिए: उपराष्ट्रपति

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उच्च शिक्षा का उद्देश्य छात्रों को लोकतंत्र के लिए तैयार करना होना चाहिए: उपराष्ट्रपति

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  • Publish Date - September 6, 2026 / 01:21 PM IST,
    Updated On - September 6, 2026 / 01:21 PM IST

गुवाहाटी, छह सितंबर (भाषा) उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने रविवार को कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों का उद्देश्य केवल छात्रों को करियर के लिए तैयार करना नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें समाज और लोकतंत्र में सार्थक योगदान देने में सक्षम बनाना भी होना चाहिए।

राधाकृष्णन ने गुवाहाटी में गीतानगर कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्र निर्माण और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में शिक्षण संस्थानों की भूमिका पर बल दिया।

उपराष्ट्रपति पद संभालने के बाद असम के अपने पहले दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में शिक्षण संस्थान सबसे महत्वपूर्ण माध्यमों में से एक हैं, क्योंकि वे इस दृष्टिकोण को साकार करने के लिए आवश्यक कुशल श्रमशक्ति तैयार कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल नागरिकों को करियर के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें लोकतंत्र और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए भी तैयार करना होना चाहिए।’’

उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘शिक्षण संस्थानों की सफलता उनके छात्रों की सफलता में दिखाई देती है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही छात्रों में उत्कृष्टता सुनिश्चित कर सकती है, जबकि बुनियादी ढांचा केवल सुविधाएं उपलब्ध करा सकता है।’’

राधाकृष्णन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण में पूर्वोत्तर को प्राथमिकता दी गई है।

उन्होंने छात्रों से मादक पदार्थों से दूर रहने और अपने परिवार के सदस्यों तथा दोस्तों को भी इनके सेवन से दूर रखने की अपील की।

इसके अलावा, उन्होंने युवाओं को सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह दी।

भाषा खारी नेत्रपाल

नेत्रपाल