हिमाचल: पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में 77 प्र.श. मतदान, महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक

हिमाचल: पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में 77 प्र.श. मतदान, महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक

हिमाचल: पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में 77 प्र.श. मतदान, महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक
Modified Date: May 28, 2026 / 08:33 pm IST
Published Date: May 28, 2026 8:33 pm IST

शिमला, 28 मई (भाषा) हिमाचल प्रदेश में 1,276 पंचायतों के लिए ग्रामीण निकाय चुनावों के दूसरे चरण में बृहस्पतिवार को करीब 77 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि 12 में से नौ जिलों में पुरुषों की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या अधिक रही।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिल खाची ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “अपराह्न तीन बजे तक लगभग 76.90 प्रतिशत मतदान हो चुका है और यह प्रतिशत बढ़ने की संभावना है। तीन सौ से अधिक बूथों का विवरण अभी अपलोड किया जाना बाकी है।”

उन्होंने बताया कि मतदान शांतिपूर्ण रहा और राज्य के किसी भी हिस्से से अब तक कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।

अपराह्न तीन बजे तक सिरमौर जिले में सबसे अधिक 84.08 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि लाहौल-स्पीति में सबसे कम 69.38 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। महिला और पुरुष मतदाताओं का मतदान प्रतिशत क्रमशः 80.03 प्रतिशत और 73.85 प्रतिशत रहा।

हमीरपुर जिले की री ग्राम पंचायत के अंतर्गत कांगरी के वार्ड नंबर एक के ग्रामीणों ने वर्षों से रुके विकास कार्यों और कई लंबित मुद्दों के समाधान में विफलता का हवाला देते हुए पंचायत चुनावों का बहिष्कार किया।

वार्ड नंबर एक के लगभग 288 मतदाताओं ने मतदान तिथियों की घोषणा से पहले ही अधिकारियों को अल्टीमेटम जारी कर कहा था कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे ग्रामीण निकाय चुनावों का बहिष्कार करेंगे।

उनकी प्रमुख मांग यह है कि कांगरी गांव (वार्ड नंबर-एक) को री ग्राम पंचायत से अलग करके खय्या-लोखरियान पंचायत में विलय कर दिया जाए, या वैकल्पिक रूप से उनके क्षेत्र के लिए एक अलग पंचायत का गठन किया जाए, क्योंकि उन्हें पंचायत भवन तक पहुंचने के लिए 25 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है।

बृहस्पतिवार को वार्ड से एक भी व्यक्ति मतदान करने नहीं आया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद अनुराग ठाकुर अपने परिवार के सदस्यों के साथ बृहस्पतिवार को समीरपुर पंचायत के मतदान केंद्र पर पहुंचे और हिमाचल प्रदेश पंचायती राज चुनाव में अपना वोट डाला। उन्होंने जोर देकर कहा कि रुझान भाजपा के पक्ष में हैं।

ठाकुर ने कहा कि लोग पंचायत चुनावों में अपने मताधिकार का इस्तेमाल राज्य में कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा निकालने के लिए कर रहे हैं।

उन्होंने लोगों से चुनावों में उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि पंचायती राज लोकतंत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसमें 50 प्रतिशत सीट महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

उन्होंने यह भी आशा व्यक्त की कि नवनिर्वाचित प्रतिनिधि विकास का एक नया अध्याय लिखेंगे।

मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और बूथों के बाहर अपना पहला मतदान करने वालों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों की भी लंबी कतारें लगी रहीं।

मंडी जिले की धवाहन पंचायत में पहली बार मतदान करने वाली सरिता ने कहा, “मैंने विकास के लिए वोट दिया है। गांव में पुस्तकालय खोलने की जरूरत है, ताकि छात्र पढ़ाई कर सकें और जीवन में सफल हो सकें। सड़कों की हालत भी खराब है।”

कुल 17,30,300 मतदाता, जिनमें 8,55,597 महिलाएं, 8,74,416 पुरुष और तीसरे लिंग के 17 लोग शामिल हैं, अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के पात्र हैं।

पहले चरण में 1,293 पंचायतों के लिए मतदान मंगलवार को हुआ, जिसमें 78.90 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। शेष 1,274 पंचायतों के लिए तीसरे और अंतिम चरण में मतदान 30 मई को होगा।

प्रखंड समिति और जिला परिषद सदस्यों तथा चार नगर निगमों के परिणाम 31 मई को घोषित किए जाएंगे, जबकि बाकी सभी के लिए मतदान के तुरंत बाद वोटों की गिनती शुरू कर दी गई है।

राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत सिंह राठौर ने बताया कि चंबा के तिस्सा ब्लॉक के समवाल पंचायत के वार्ड नंबर दो के चुनाव 30 मई को होंगे। इस चुनाव को नियमों के उल्लंघन के कारण स्थगित कर दिए गया था।

चुनाव अलग-अलग रंगों वाले मतपत्रों के माध्यम से हो रहे हैं – वार्ड सदस्यों के लिए सफेद, उप-प्रधानों के लिए पीला, प्रधानों के लिए हरा, पंचायत समिति के सदस्यों के लिए गुलाबी और जिला परिषद सदस्यों के लिए नीला।

तीन चरणों में होने वाले चुनावों में लगभग 50.89 लाख मतदाता मतदान के पात्र हैं, जिनमें 31,182 जन प्रतिनिधियों, 3,754 प्रधानों, 3,754 उप-प्रधानों, 21,654 वार्ड सदस्यों, पंचायत समिति के 1,769 सदस्यों और 251 जिला परिषद सदस्यों का चुनाव किया जाएगा।

भाषा जितेंद्र सुरेश

सुरेश


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