हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुक्खू ने राज्यस्तरीय एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुक्खू ने राज्यस्तरीय एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुक्खू ने राज्यस्तरीय एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की
Modified Date: February 28, 2026 / 09:00 pm IST
Published Date: February 28, 2026 9:00 pm IST

शिमला, 28 फरवरी (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (आईजीएमसी) से गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर के खिलाफ राज्यस्तरीय एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू किया। एक बयान में यह जानकारी दी गई।

सुक्खू ने कहा कि 14 वर्ष की आयु की लगभग 65,000 लड़कियों को 90 दिनों के भीतर ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) के टीके लगाये जाएंगे।

बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्वास्थ्यकर्मियों से अपील करते हुए अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने का आग्रह किया और जन जागरूकता फैलाने के महत्व पर जोर दिया।

एचपीवी का टीका उच्च जोखिम वाले ह्यूमन पेपिलोमावायरस से होने वाले संक्रमण को रोकता है। यह वायरस सर्वाइकल कैंसर के 90 प्रतिशत से अधिक मामलों के अलावा अन्य जननांग कैंसर के लिए जिम्मेदार होते हैं।

उन्होंने कहा कि यह अभियान चिकित्सा अधिकारियों की देखरेख में चलाया जाएगा। एचपीवी टीकाकरण को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा और लड़कियों को यह टीका निःशुल्क प्रदान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले आठ महीनों के भीतर आईजीएमसी और राज्य भर के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में विश्वस्तरीय उपकरण और उन्नत चिकित्सा प्रौद्योगिकी स्थापित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि अगले तीन वर्षों में सभी क्षेत्रीय अस्पतालों, आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में एम्स की तर्ज पर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

सुक्खू ने एक बार फिर कहा कि हमीरपुर में 300 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल का निर्माण किया जाएगा, जिससे राज्य में किफायती और सुलभ उपचार सुनिश्चित होगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा देना है, जिससे न केवल राज्य के लोगों को, बल्कि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में कार्यरत चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ और तकनीशियनों को भी लाभ होगा।

भाषा राखी सुरेश

सुरेश


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