कांग्रेस पार्टी का इतिहास महिलाओं के अधिकारों के प्रति सदैव उपेक्षापूर्ण रहा: मदन राठौड़

कांग्रेस पार्टी का इतिहास महिलाओं के अधिकारों के प्रति सदैव उपेक्षापूर्ण रहा: मदन राठौड़

कांग्रेस पार्टी का इतिहास महिलाओं के अधिकारों के प्रति सदैव उपेक्षापूर्ण रहा: मदन राठौड़
Modified Date: April 18, 2026 / 11:44 pm IST
Published Date: April 18, 2026 11:44 pm IST

जयपुर, 18 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष मदन राठौड़ ने शनिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के अधिकारों के प्रति सदैव उपेक्षापूर्ण रहा है।

राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं को केवल ‘साइलेंट वोटर’ के रूप में देखा है।

राठौड़ ने शाह बानो प्रकरण का उल्लेख करते हुए दावा किया, ‘‘उस समय की कांग्रेस सरकार ने संविधान में संशोधन कर उच्चतम न्यायालय के निर्णय को निष्प्रभावी बना दिया और एक महिला को न्याय से वंचित किया।’’

उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल उस महिला के साथ अन्याय था, बल्कि देश की करोड़ों मुस्लिम महिलाओं के आत्मसम्मान को भी आहत करने वाला था।

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘महिलाओं के जीवन को सम्मानजनक और सशक्त बनाने के बजाय कांग्रेस ने हमेशा उन्हें ‘साइलेंट वोटर’ के रूप में देखा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आज की महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। वे उद्योग चला रही हैं और विज्ञान व अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। अब महिलाएं ‘साइलेंट वोटर’ नहीं, बल्कि देश के भविष्य को दिशा देने वाली शक्ति हैं और उन्हें विधानसभा तथा लोकसभा में पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।’’

राठौड़ ने कहा कि भाजपा ने मुस्लिम महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास और स्वाभिमान मजबूत हुआ है।

पिछली पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की तत्कालीन भैंरो सिंह शेखावत सरकार ने पंचायतों और निकायों में महिलाओं को आरक्षण देकर उनके राजनीतिक सशक्तीकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल की थी।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि इसी क्रम में अटल बिहारी वाजपेयी सहित कई नेताओं ने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए प्रयास किए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को आशंका है कि महिलाओं को अधिक अधिकार देने से उसका राजनीतिक आधार कमजोर हो सकता है, इसलिए वह ऐसे महत्वपूर्ण विधेयकों का समर्थन करने से बचती रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह दृष्टिकोण न केवल महिलाओं के साथ अन्याय है, बल्कि देश के लोकतांत्रिक विकास में भी बाधक है। अब समय आ गया है कि सभी राजनीतिक दल महिलाओं के अधिकारों और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और उनके सशक्तिकरण के लिए एकजुट होकर काम करें।’’

इस बीच, भाजपा महिला मोर्चा ने जयपुर में विरोध प्रदर्शन किया।

मोर्चे की प्रदेश अध्यक्ष राखी राठौड़ ने कहा, ‘‘आज हमने सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस की सोच हमेशा से महिला-विरोधी रही है और कल लोकसभा में जो कुछ हुआ, उसे इतिहास में ‘काले अध्याय’ के रूप में याद किया जाएगा, क्योंकि इससे महिलाओं की प्रगति में बाधा उत्पन्न हुई है।’’

भाषा पृथ्वी खारी

खारी


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