एचएमटी की जमीन राज्य सरकार की है, वह वन भूमि ही रहेगी: कर्नाटक के मंत्री खंड्रे
एचएमटी की जमीन राज्य सरकार की है, वह वन भूमि ही रहेगी: कर्नाटक के मंत्री खंड्रे
बेंगलुरु, 11 जुलाई (भाषा) कर्नाटक के मंत्री ईश्वर खंड्रे ने एचएमटी जमीन विवाद पर केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी के दावों को खारिज करते हुए शनिवार को कहा कि यह कानूनी रूप से वन भूमि की श्रेणी में आती है।
मंत्री ने कहा कि जब तक इसे नियमों के तहत किसी और काम के लिए आवंटित नहीं जाता, तब तक यह वन भूमि ही बनी रहेगी।
उन्होंने कहा कि इस जमीन पर मालिकाना हक राज्य सरकार का है, न कि एचएमटी का।
ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री खंड्रे कुमारस्वामी के आरोपों का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री से उनकी कोई व्यक्तिगत रंजिश नहीं है और न ही वह विकास के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।
कुमारस्वामी द्वारा उनकी योग्यता पर उठाए गए सवालों का जिक्र करते हुए खंड्रे ने कहा कि वह व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करते।
एक ओर जहां कुमारस्वामी ने कहा था कि एचएमटी का मामला अदालत में विचाराधीन है, तो दूसरी तरफ उन्होंने यह दावा भी किया कि इस जमीन पर राज्य सरकार का कोई अधिकार नहीं है।
इस पर खंड्रे ने संवाददाताओं से कहा, ‘इस मामले पर फैसला न्यायपालिका को करना है, कुमारस्वामी को नहीं।’
खंड्रे ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने अपने कई फैसलों में लगातार यह व्यवस्था दी है कि एक बार वन भूमि घोषित की गई जमीन तब तक वन भूमि ही रहेगी, जब तक उसे कानूनी रूप से गैर-वन उपयोग के लिए आवंटित नहीं जाता।
उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत ने यह भी माना है कि पर्यावरण अधिकार, मालिकाना हक के अधिकारों से ऊपर होते हैं।
भाषा सुमित जोहेब
जोहेब

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