पीओके में चुनाव कराना अपने अवैध कब्जे को छिपाने के लिए एक ‘दिखावटी कवायद’ है: भारत

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पीओके में चुनाव कराना अपने अवैध कब्जे को छिपाने के लिए एक ‘दिखावटी कवायद’ है: भारत

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  • Publish Date - July 28, 2026 / 07:29 PM IST,
    Updated On - July 28, 2026 / 07:29 PM IST

नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्थानीय निकाय चुनावों को इस्लामाबाद के अपने अवैध कब्जे को छिपाने और क्षेत्र में किए जा रहे ‘‘गंभीर’’ मानवाधिकार उल्लंघनों पर पर्दा डालने का एक प्रयास बताया।

व्यापक हिंसा के बीच सोमवार को पीओके में स्थानीय निकाय चुनावों के पहले चरण के लिए मतदान हुआ।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘वर्तमान दिखावटी चुनावी प्रक्रिया पाकिस्तान द्वारा अपने अवैध कब्जे को छिपाने और क्षेत्र में किए गए गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों पर पर्दा डालने का केवल प्रयास मात्र है।’’

उन्होंने दोहराया कि वर्तमान में पाकिस्तान के ‘‘अवैध और जबरन कब्जे’’ वाले क्षेत्रों समेत जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है।

उन्होंने कहा, ‘‘इस मामले पर भारत का रुख स्पष्ट, सुसंगत और सर्वविदित रहा है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा केंद्र शासित प्रदेश, जिसमें वे क्षेत्र भी शामिल हैं जो वर्तमान में पाकिस्तान के अवैध और जबरन कब्जे में हैं, भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं।’’

जायसवाल ने कहा, ‘‘जैसा कि हमने पहले भी कहा है, पीओके में जारी व्यापक जन-प्रदर्शन पाकिस्तान के आर्थिक शोषण, लोगों के मौलिक अधिकारों का हनन और उसके प्रशासनिक दमन के प्रत्यक्ष परिणाम हैं।’’

जायसवाल ने सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) के संदर्भ में भारत और पाकिस्तान के बीच साझा सिंधु घाटी सभ्यता के बारे में कई पाकिस्तानी विशेषज्ञों द्वारा बात किए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा, ‘‘जो देश दशकों से सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है, जो धार्मिक कट्टरवाद और हिंसा को प्रोत्साहित करता रहा है, वह किसी भी बहुलतावादी सांस्कृतिक विरासत पर कोई दावा नहीं कर सकता।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अल्पसंख्यकों और उनके सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा के मामले में उनका बेहद खराब रिकॉर्ड ऐसी हताश कोशिशों को और भी अधिक दिखावटी बनाता है।’’

भारत ने पिछले साल अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद आईडब्ल्यूटी को स्थगित रखने का निर्णय लिया था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी।

जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए पाकिस्तान से जारी किए गए वीडियो के बारे में पूछे जाने पर जायसवाल ने कहा कि भारतीय युवा उस देश की वास्तविकता को जानते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं कहना चाहूंगा कि, जैसा कि हम सभी जानते हैं, पाकिस्तान पिछले कई दशकों से भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद को प्रायोजित करता रहा है।’’

जायसवाल ने कहा, ‘‘भारत के लोग, जिनमें ‘जेन जेड’ के युवा भी शामिल हैं, यह मांग करते रहे हैं कि पाकिस्तान प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद को समाप्त किया जाना चाहिए।’’

भाषा

देवेंद्र दिलीप

दिलीप