बुद्ध के पवित्र अवशेष भारत की वंदनीय विरासत का एक अटूट हिस्सा हैं: मोदी

बुद्ध के पवित्र अवशेष भारत की वंदनीय विरासत का एक अटूट हिस्सा हैं: मोदी

बुद्ध के पवित्र अवशेष भारत की वंदनीय विरासत का एक अटूट हिस्सा हैं: मोदी
Modified Date: January 3, 2026 / 01:41 pm IST
Published Date: January 3, 2026 1:41 pm IST

नयी दिल्ली, तीन जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भगवान बुद्ध का ज्ञान और उनका दिखाया मार्ग पूरी मानवता के लिए है तथा बुद्ध के पवित्र अवशेष केवल अवशेष नहीं हैं, बल्कि भारत की वंदनीय विरासत का एक अटूट हिस्सा हैं।

साल 1898 में मिले पवित्र पिपरहवा अवशेषों की भव्य अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए मोदी ने कहा कि भगवान बुद्ध सभी के हैं और सभी लोगों को एकजुट करते हैं।

उन्होंने बौद्ध विद्वानों, राजनयिकों और अन्य अतिथियों की उपस्थिति में कहा, “भारत के लिए, बुद्ध के पवित्र अवशेष केवल अवशेष नहीं हैं, बल्कि हमारी वंदनीय विरासत व सभ्यता का एक अटूट हिस्सा हैं।”

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मोदी ने कहा कि 125 वर्ष प्रतीक्षा करने के बाद, भारत की विरासत लौट आई है।

उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध का ज्ञान और उनका दिखाया मार्ग पूरी मानवता के लिए है।

मोदी ने बुद्ध के अवशेषों की उनकी मातृभूमि पर वापसी सुनिश्चित करने के लिए गोदरेज समूह का आभार व्यक्त किया।

पिपरहवा अवशेषों का बौद्ध धर्म के आरंभिक पुरातात्विक अध्ययन में एक खास स्थान है।

भाषा जोहेब नेत्रपाल

नेत्रपाल


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