कश्मीर में ‘सिफ़र’ कैसे विजय के प्रशंसकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया

कश्मीर में 'सिफ़र' कैसे विजय के प्रशंसकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया

कश्मीर में ‘सिफ़र’ कैसे विजय के प्रशंसकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया
Modified Date: September 28, 2026 / 05:45 pm IST
Published Date: September 28, 2026 5:45 pm IST

(जेहरा शफी)

अनंतनाग (कश्मीर) 28 सितंबर (भाषा) कश्मीर का एक साधारण सा सड़क किनारे वाला कैफे तमिल सुपरस्टार विजय की फिल्म ‘लियो’ (2023) में नजर आने के बाद काफी मशहूर हो गया है।

फिल्म की वजह से इसे एक खास पहचान मिली है और अब यहां रोजाना दक्षिण भारत से बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं।

विजय ने ‘बॉक्स ऑफिस’ पर अपनी ज़बरदस्त कामयाबी को चुनावी जीत में बदला और वह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने।

उन्होंने ‘लियो’ फिल्म के अहम सीन इसी कैफ़े में शूट किए थे, जिससे यह जगह पर्यटकों के लिए एक चहल-पहल वाला केंद्र बन गई। इस फिल्म में विजय ने एक कैफे मालिक का किरदार निभाया था जो दोहरी जिंदगी जी रहा था।

प्रशंसक उनके यादगार सीन को फिर से जीने के लिए कैफे में उमड़ रहे हैं — जैसे सुपरस्टार की ‘एंट्री’ वाले सीन को दोहराना या ठीक उसी जगह ‘पोज’ देना जहां उनका किरदार स्टाइल से अपनी जैकेट उतारता है।

खानबल-पहलगाम रोड पर मट्टन के पास स्थित ‘सिफ़र’ नामक यह कैफे पहलगाम से लगभग 40 किमी और श्रीनगर से 60 किमी दूर है। दक्षिण भारत से आने वाले पर्यटकों के लिए कश्मीर यात्रा के दौरान यह एक अहम पड़ाव बन गया है।

कैफे के मैनेजर सबज़ार अहमद लोन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘फिल्म रिलीज होने के बाद से, तमिलनाडु और दूसरे दक्षिणी राज्यों से कश्मीर आने वाले पर्यटक सबसे पहले ‘सिफर’ के बारे में पूछते हैं। वे वही हॉट चॉकलेट और ‘ट्राउट फिश’ ऑर्डर करते हैं जो विजय ने फ़िल्म में खाई थी। वे उसके सीन दोहराते हैं और हमारे बैनर और मेन्यू के साथ फोटो खिंचवाते हैं।’’

इस कैफ़े की किस्मत 2023 में लोकेश कनगराज की फिल्म की एक महीने तक चली शूटिंग के बाद बदल गई। इस फ़िल्म में विजय की करीबी दोस्त तृषा कृष्णन और बॉलीवुड के दिग्गज संजय दत्त भी हैं।

लोन ने माना कि शुरू में उन्हें और कैफे के कर्मियों को उन अभिनेता की ‘स्टारडम’ के बड़े पैमाने का अंदाजा नहीं था।

उन्होंने कहा, ‘‘वह बहुत ही विनम्र थे और जब भी हमारे पास से गुजरते, हमसे अभिवादन करते थे। फिल्म रिलीज होने के बाद ही हमें उनकी ‘फैन फॉलोइंग’ का अंदाजा हुआ। उनका यहां आना हमारे लिए बहुत बड़ा वरदान साबित हुआ है।’’

चेन्नई से आए पर्यटक विश्व के लिए, इस कैफ़े में जाना उनकी कश्मीर यात्रा का सबसे यादगार अनुभव रहा।

बेंगलुरु की रहने वाली यात्री श्वेता ने बताया कि जगह को पहचानने के बाद उन्होंने अपने पड़ाव की योजना बनाई।

भाषा

राजकुमार मनीषा

मनीषा


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