भाजपा की चुप्पी से आहत, उनसे रिश्ते ‘एकतरफा’ नहीं रह सकते : चिराग पासवान

भाजपा की चुप्पी से आहत, उनसे रिश्ते 'एकतरफा' नहीं रह सकते : चिराग पासवान

भाजपा की चुप्पी से आहत, उनसे रिश्ते ‘एकतरफा’ नहीं रह सकते : चिराग पासवान
Modified Date: November 29, 2022 / 08:15 pm IST
Published Date: June 22, 2021 11:58 am IST

(कुमार राकेश)

नयी दिल्ली, 22 जून (भाषा) अपनी ही पार्टी में चुनौतियों का सामना कर रहे लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के नेता चिराग पासवान ने मंगलवार को कहा कि भाजपा के साथ उनके संबंध ‘एकतरफा’ नहीं रह सकते हैं और यदि उन्हें घेरने का प्रयास जारी रहा तो वह अपने भविष्य के राजनीतिक कदमों को लेकर सभी संभावनाओं पर विचार करेंगे।

चिराग ने पीटीआई-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि उनके पिता रामविलास पासवान और वह हमेशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भाजपा के साथ ‘चट्टान’ की तरह खड़े रहे, लेकिन जब इन ‘कठिन’ समय के दौरान उनके हस्तक्षेप की उम्मीद थी, तो भगवा दल साथ नहीं था।

चिराग ने रेखांकित किया कि उनका मोदी में विश्वास कायम है। उन्होंने कहा, ‘लेकिन अगर आपको घेरा जाता है, धकेला जाता है और कोई फैसला लेने के लिए मजबूर किया जाता है, तो पार्टी सभी संभावनाओं पर विचार करेगी … लोजपा को अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में इस आधार पर निर्णय लेना होगा कि कौन उसके साथ खड़ा था और कौन नहीं।’

यह पूछे जाने पर कि क्या मौजूदा संकट के दौरान भाजपा ने उनसे संपर्क किया था, उन्होंने कहा कि भगवा दल का चुप रहना ‘उचित’ नहीं था, जबकि जद (यू) लोजपा में विभाजन के लिए ‘काम कर रही थी।’ चिराग ने कहा, ‘मुझे उम्मीद थी कि वे (भाजपा) मध्यस्थता करेंगे और चीजों को सुलझाने का प्रयास करेंगे। उनकी चुप्पी निश्चित रूप से आहत करती है।’

भाजपा ने कहा है कि लोजपा का संकट क्षेत्रीय पार्टी का आंतरिक मामला है।

भाषा

अविनाश दिलीप

दिलीप


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