हैदराबाद के चिकित्सक ने डेनाली पर्वत पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की, ‘सेवन समिट्स’ चुनौती पूरी की

हैदराबाद के चिकित्सक ने डेनाली पर्वत पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की, ‘सेवन समिट्स’ चुनौती पूरी की

हैदराबाद के चिकित्सक ने डेनाली पर्वत पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की, ‘सेवन समिट्स’ चुनौती पूरी की
Modified Date: June 19, 2026 / 03:38 pm IST
Published Date: June 19, 2026 3:38 pm IST

हैदराबाद, 19 जून (भाषा) हैदराबाद के पर्वतारोही और अस्थि रोग विशेषज्ञ राजशेखर ने उत्तर अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी डेनाली पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही उन्होंने प्रतिष्ठित ‘सेवन समिट्स’ चुनौती पूरी कर ली है।

सेवन समिट्स’ चुनौती एक प्रसिद्ध पर्वतारोहण उपलब्धि है, जिसमें किसी पर्वतारोही को दुनिया के सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़ाई करनी होती है।

इस उपलब्धि के साथ ही राजशेखर दक्षिण भारत के राज्यों से इस चुनौती को पूरा करने वाले पहले चिकित्सक बन गये हैं।

राजशेखर ने 18 जून को भारतीय समयानुसार सुबह करीब साढ़े आठ बजे डेनाली पर्वत शिखर पर सफलतापूर्वक कदम रखा।

उन्होंने परिवार और दोस्तों के साथ साझा किए गए संदेश में कहा, ‘शिखर पर सफलतापूर्वक पहुंचने का अभियान बिना किसी परेशानी के पूरा हुआ। हवाएं हल्की थीं और तापमान काफी कम था, लेकिन इसके अलावा सब कुछ ठीक रहा। किसी को कोई चोट नहीं आई है और पूरी टीम स्वस्थ एवं सुरक्षित है।”

राजशेखर को इस अभियान के दौरान भरत थाम्मिनैनी का मार्गदर्शन और सहयोग मिला। थम्मिनेनी बूट्स एंड क्रैम्पॉन के संस्थापक हैं, जो दुनिया भर में पर्वतारोहण अभियानों और ट्रेकिंग का आयोजन करती है।

राजशेखर के लिए ”सेवन समिट्स” तक की यह यात्रा व्यक्तिगत प्रतिकूलताओं के बीच साहस, दृढ़ता और संघर्ष से भरी रही है।

कूल्हे एवं घुटने की सर्जरी के विशेषज्ञ और रोबोटिक सर्जन राजशेखर की जिंदगी में कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान बड़ा बदलाव आया।

वह कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था।

बीमारी से उबरना आसान नहीं था। लगातार बनी रही थकावट और उत्साह में कमी के चलते उन्हें करीब एक साल तक अपने पेशेवर कार्यों से विराम लेना पड़ा।

बूट्स एंड क्रेम्पोन ने शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा, “अपने स्वास्थ्य को फिर से बेहतर बनाने के दृढ़ संकल्प के साथ उन्होंने अपने लिए एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया। इसके लिए उन्होंने पर्वतारोहण को चुना, जो सहनशक्ति, शारीरिक फिटनेस और मानसिक दृढ़ता की मांग करने वाला खेल है।”

राजशेखर की ‘सेवन समिट्स’ यात्रा की शुरुआत 26 जनवरी 2022 को तंजानिया की किलिमंजारो चोटी पर सफल चढ़ाई के साथ हुई।

इसके बाद अगस्त 2022 में उन्होंने यूरोप की सबसे ऊंची पर्वत चोटी एल्ब्रुस पर भी सफलता हासिल की।

कई चोटों से जूझने के बाद राजशेखर एक साल पर्वतारोहण से दूर रहे।

उन्होंने अगस्त 2023 में ऑस्ट्रेलिया की कोसियुज्को चोटी पर चढ़ाई की और चार फरवरी 2024 को दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी एकॉनकागुआ के शिखर तक पहुंचे।

इसके कुछ ही महीनों बाद उन्होंने अपने पर्वतारोहण करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की और 23 मई 2024 को एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढ़ाई पूरी की। उन्होंने अलास्का की डेनाली पर चढ़ाई का पहला प्रयास जून 2025 में किया था लेकिन खराब मौसम के कारण वह उस समय शिखर तक नहीं पहुंच सके और नीचे उतरते समय उन्हें ”फ्रॉस्टबाइट” का सामना करना पड़ा।

डेनाली की चोटी पर सफलतापूर्वक पहुंचने के साथ ही राजशेखर का ‘सेवन समिट्स’ अभियान पूरा हो गया।

राजशेखर ने कहा, “मैंने जिस तरह की परिस्थितियों का सामना किया है, उसके बाद डेनाली की चोटी पर खड़ा होना मेरे लिए बेहद भावुक पल है। इस यात्रा ने मेरी शारीरिक और मानसिक क्षमता की परीक्षा ली लेकिन इसने मुझे दृढ़ता और उद्देश्य की ताकत का भी एहसास कराया।”

चोटी पर पहुंचने के बाद राजशेखर सुरक्षित रूप से करीब 5,247 मीटर की ऊंचाई पर स्थित शिविर में लौट आए, जहां पूरी टीम दोबारा एकत्र हुई।

भाषा जितेंद्र पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में