मैं बागी गुट के साथ, ममता को सलाहकार की भूमिका सौंपी जानी चाहिए: तृणमूल सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय

Ads

मैं बागी गुट के साथ, ममता को सलाहकार की भूमिका सौंपी जानी चाहिए: तृणमूल सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय

  •  
  • Publish Date - June 14, 2026 / 07:34 PM IST,
    Updated On - June 14, 2026 / 07:34 PM IST

कोलकाता, 14 जून (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर पार्टी के बागी गुट के प्रति अपनी निष्ठा जताई और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सलाहकार की भूमिका सौंपे जाने की वकालत की।

बागी गुट तृणमलू कांग्रेस के संसदीय दल पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिशों में जुटा है। उसने दावा किया कि पार्टी के दो और सांसद उसके पाले में आने वाले हैं, जिससे लोकसभा में उसकी ताकत बढ़कर 22 हो जाएगी।

हाल में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद बागी सांसद एक अलग संसदीय गुट के तौर पर मान्यता हासिल करने के लिए सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलने की तैयारी कर रहे हैं।

बंद्योपाध्याय तृणमूल कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ सांसदों में से एक हैं। वह दिल्ली में वर्षों से पार्टी का प्रमुख चेहरा रहे हैं।

बंद्योपाध्याय ने एक बांग्ला समाचार चैनल से बातचीत के दौरान कहा कि उन सांसदों और विधायकों के संपर्क करने के बाद उन्होंने बागी गुट का साथ देने का फैसला किया है, जो चाहते हैं कि ममता पार्टी संगठन के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं।

बंद्योपाध्याय ने कहा, “ज्यादातर सांसद और विधायक चाहते हैं कि पार्टी बनी रहे। यह उनकी पहल है। वे चाहते हैं कि ममता बनर्जी मुख्य सलाहकार बनी रहें और नेता जैसी भूमिका निभाती रहें। उनकी अपील ने मेरा दिल छू लिया। इसलिए, मैंने तय किया कि मैं उनके साथ जा सकता हूं।”

बंद्योपाध्याय 2011 से 2025 तक लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के संसदीय दल के नेता थे। हालांकि, बाद में अभिषेक बनर्जी ने इस पद पर उनकी जगह ले ली थी।

बागी गुट में शामिल होने के बावजूद बंद्योपाध्याय ने संकेत दिया कि उन्होंने अभी तक उस याचिका पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, जिसे बागी विधायक लोकसभा अध्यक्ष को सौंपने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से व्यक्तिगत रूप से मिलने के बाद ही ऐसा करना चाहते हैं।

बंद्योपाध्याय ने कहा, “कल दोपहर तक शुभेंदु ने कहा था कि शायद वह न आ पाएं और मुझे दस्तखत कर देने चाहिए। मैंने उनसे कहा कि मैं तभी दस्तखत करूंगा, जब वह आएंगे। हो सकता है कि हम आज रात मिलें।”

शुभेंदु से व्यक्तिगत मुलाकात पर जोर देने के कारण बंद्योपाध्याय के अगले कदम को लेकर जारी राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई है।

एक दिन पहले बंद्योपाध्याय ने बागी सांसद शताब्दी रॉय के साथ दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर उनसे मुलाकात की थी, जिसके बाद उनके सियासी भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं।

बंद्योपाध्यय शनिवार रात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मिले थे। बातचीत के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा था कि यह महज एक औपचारिक शिष्टाचार भेंट से कहीं बढ़कर थी।

बंद्योपाध्याय ने कहा था, “शुरू में बैठक के सात मिनट तक चलने की उम्मीद थी, लेकिन यह एक घंटे से ज्यादा समय तक चली और लगभग 60 मिनट की बातचीत के बाद चाय परोसी गई।”

बंद्योपाध्याय रविवार को यादव के आवास पर हुई रणनीति बैठक में भी शामिल हुए।

इस बीच, बागी खेमे ने दावा किया कि उसका संख्या बल लगातार बढ़ रहा है।

दिल्ली रवाना होने से पहले कोलकाता हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत में बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया कि जल्द ही दो और लोकसभा सदस्य उनके गुट में शामिल हो सकते हैं, जिससे सदन में बागी खेमे की संख्या बढ़कर 22 हो जाएगी।

काकोली ने कहा, “हम कल लोकसभा अध्यक्ष से मिलेंगे और एक अलग संसदीय गुट के तौर पर मान्यता देने की मांग करेंगे।”

भाषा पारुल प्रशांत

प्रशांत