अगरतला, 14 जून (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की त्रिपुरा इकाई ने पश्चिम त्रिपुरा जिले के त्रिपुरा शांतिनिकेतन मेडिकल कॉलेज की 22 वर्षीय महिला कर्मचारी की आत्महत्या के मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) या किसी मौजूदा न्यायाधीश से कराने की रविवार को मांग की।
इस मेडिकल कॉलेज का संचालन बीरभूम स्थित एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) स्वाधीन ट्रस्ट करता है। यह मेडिकल कॉलेज पश्चिम त्रिपुरा के मधुबन में स्थित है और 150 एमबीबीएस सीट के साथ एमबीबीएस पाठ्यक्रम संचालित कराता है।
मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों को शुक्रवार को कॉलेज के परीक्षा प्रकोष्ठ की कर्मचारी मनीषा दास (22) का शव संस्थान के परिसर में एक कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला था।
राज्य सरकार ने आत्महत्या के मामले में मजिस्ट्रेट-स्तर की जांच के आदेश दे दिए हैं, वहीं पुलिस ने मनीषा के एक दोस्त को घटना में कथित संलिप्तता को लेकर गिरफ्तार कर लिया है।
त्रिपुरा विधानसभा में विपक्ष के नेता जितेंद्र चौधरी ने एक प्रेस वार्ता में कहा, “लोग आत्महत्या के मामले की जांच के तरीके से संतुष्ट नहीं हैं। यह बात सामने आई है कि सरकार ने मजिस्ट्रेट-स्तर की जांच के आदेश दिए हैं लेकिन इस घटना की गहन और निष्पक्ष आपराधिक जांच की जरूरत है।”
उन्होंने पुलिस जांच की आलोचना करते हुए कहा कि संबंधित अनुमंडलीय पुलिस अधिकारी ने बिना गहन जांच किए ही यह बयान दे दिया कि यह घटना एक असफल प्रेम कहानी का परिणाम है।
चौधरी ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए इस घटना के पीछे की सच्चाई का पता लगाने के लिए एसआईटी या किसी मौजूदा न्यायाधीश से जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “हम पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे की भी मांग करते हैं। पार्टी को उम्मीद है कि सरकार हमारी मांगों पर सकारात्मक रूप से विचार करेगी।”
भाषा जितेंद्र अमित
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