‘पुराने विचारों वाला हूं, प्रोटोकॉल में विश्वास रखता हूं’: मोदी से मुलाकात पर चर्चा के बीच तिवारी

‘पुराने विचारों वाला हूं, प्रोटोकॉल में विश्वास रखता हूं’: मोदी से मुलाकात पर चर्चा के बीच तिवारी

‘पुराने विचारों वाला हूं, प्रोटोकॉल में विश्वास रखता हूं’: मोदी से मुलाकात पर चर्चा के बीच तिवारी
Modified Date: July 18, 2026 / 12:36 pm IST
Published Date: July 18, 2026 12:36 pm IST

नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) चंडीगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपनी संक्षिप्त बातचीत को लेकर जारी चर्चाओं के बीच कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने शनिवार को कहा कि वह अब भी थोड़े ‘‘पुराने विचारों वाले’’ हैं और प्रोटोकॉल में विश्वास रखते हैं, साथ ही उनका मानना है कि विकास के मुद्दों को दलगत राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए।

तिवार का यह बयान प्रधानमंत्री मोदी के साथ चंडीगढ़ में एक आधिकारिक कार्यक्रम के बाद हुई उनकी मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू होने के बाद आया।

प्रधानमंत्री मोदी ने चंडीगढ़ में 4,700 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। मनीष तिवारी चंडीगढ़ से ही सांसद हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क ढांचे से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करके के बाद पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ में एक सभा को संबोधित किया था।

प्रधानमंत्री मोदी से अपनी मुलाकात को लेकर हो रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए मनीष तिवारी ने कहा, ‘‘मैंने हमेशा यह प्रयास किया है कि विकास की जरूरतों को दलगत राजनीति से ऊपर रखा जाए।’’

उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘24 अगस्त 2022 को श्री आनंदपुर साहिब के सांसद के रूप में मेरे कार्यकाल के दौरान जब प्रधानमंत्री न्यू चंडीगढ़ में डॉ. होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (टाटा मेमोरियल सेंटर) का उद्घाटन करने आए थे, तब भी मैं कार्यक्रम में मौजूद था। आज यह टाटा मेमोरियल सेंटर पूरे क्षेत्र के हजारों कैंसर मरीजों के लिए जीवनरेखा बन चुका है।’’

तिवारी ने कहा,‘‘ 17 जुलाई 2026 को जब प्रधानमंत्री ने फिर से चंडीगढ़ और मेरे पूर्व संसदीय क्षेत्र श्री आनंदपुर साहिब में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया, तब भी मैं मौजूद था, क्योंकि ये परियोजनाएं उन लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में मदद करेंगी, जिनकी सेवा के लिए हमें चुना गया है।’’

मनीष तिवारी ने कहा कि पिछले 45 वर्षों से राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने देखा है कि देश की राजनीति धीरे-धीरे किस तरह कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि राजनीति अब अधिक कटु और विषैली होती जा रही है, जहां राजनीतिक विरोधियों को अब दुश्मन की तरह देखा जाने लगा है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली आज इस बिगड़ी हुई राजनीति का उदाहरण बन गई है।

तिवारी ने कहा, ‘‘हालांकि, मैं अब भी थोड़ा पुराने विचारों वाला हूं, जो कुछ बुनियादी शिष्टाचार और प्रोटोकॉल के सिद्धांतों में विश्वास रखता है और सबसे ऊपर विकास की जरूरतों को दलगत राजनीति से ऊपर रखता है। यही मेरी पहचान है, चाहे कोई मेरे बारे में कुछ भी सोचे।’’

यह बयान तिवारी की उस हालिया सोशल मीडिया पोस्ट के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने ‘‘व्यक्तियों और संस्थानों की असुरक्षाओं’’ के लिए कोई समाधान न होने की बात कही थी।

यह टिप्पणी उस समय आई थी जब 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के संगठनात्मक बदलाव में उन्हें कथित तौर पर नजरअंदाज किए जाने की चर्चा है।

तिवारी ने ‘एक्स’ पर एक खबर साझा की थी, जिसमें कहा गया था कि पंजाब में नए कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति और चुनाव समितियों के गठन के दौरान उन्हें ‘अलग-थलग छोड़ दिया गया।’

उन्होंने लिखा था, ‘‘जिसमें हुनर होता है, समाज और लोग अक्सर उसमें कोई न कोई अवगुण खोज लेते हैं। काश मेरे पास व्यक्तियों और संस्थानों की असुरक्षाओं का कोई इलाज होता।’’

हालांकि, उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ने पिछले 45 वर्षों में मुझे बहुत कुछ दिया है, मैंने भी अपना पूरा वयस्क जीवन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सेवा में समर्पित किया है। जो होगा, देखा जाएगा।’’

कांग्रेस पंजाब में एक बार फिर सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है, जहां अगले वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।

भाषा शोभना वैभव

वैभव


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