शबरिमला तीर्थयात्रा के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के उपायों को प्राथमिकता दें: केरल उच्च न्यायालय

शबरिमला तीर्थयात्रा के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के उपायों को प्राथमिकता दें: केरल उच्च न्यायालय

शबरिमला तीर्थयात्रा के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के उपायों को प्राथमिकता दें: केरल उच्च न्यायालय
Modified Date: July 18, 2026 / 12:43 pm IST
Published Date: July 18, 2026 12:43 pm IST

कोच्चि, 18 जुलाई (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) को वार्षिक मंडलाकला-मकरविलक्कू तीर्थयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा, भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और समग्र कल्याण पर सीधा असर डालने वाले उपायों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी और न्यायमूर्ति के वी जयकुमार की पीठ ने तीर्थयात्रा के दौरान प्रभावी और सुचारू भीड़ प्रबंधन के लिए टीडीबी द्वारा किए गए उपायों की समीक्षा करने के बाद यह निर्देश जारी किया।

बोर्ड ने कहा कि उसने केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आपदा के प्रभाव को कम से कम करने के लिए तैयार की गई योजना और नियमावली को मंजूरी दे दी है और उत्सव के दौरान इसका पालन किया जा सकता है।

इसने अदालत को यह भी बताया कि मौजूदा ‘पुलिस बंदोबस्त योजना’ को संशोधित करने और भीड़ प्रबंधन प्रणाली को आधुनिक बनाने का निर्णय लिया गया है।

बोर्ड ने अदालत को बताया कि इसके लिए कृत्रिम मेधा (एआई) के विशेषज्ञों के साथ एक बैठक आयोजित की गई थी और एक एकीकृत, व्यापक, समन्वित एआई-सक्षम ‘तीर्थयात्री प्रबंधन प्रोटोकॉल’ लागू करने का निर्णय लिया गया है।

टीडीबी द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए, पीठ ने उसे यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि प्रस्तावित उपाय 15 नवंबर को तीर्थयात्रा शुरू होने से पहले लागू किए जाएं।

अदालत ने ये निर्देश स्वत: संज्ञान लेकर दायर की गई उस याचिका पर दिए, जिसका उद्देश्य सभी संबंधित पक्षों के बीच पहले से समन्वित योजना सुनिश्चित करना है ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुचारू रूप से तीर्थयात्रा कर सकें।

भाषा खारी वैभव

वैभव


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