मंत्री पद नहीं मिलने से दुखी हूं, यूडीएफ के साथ बना रहूंगा: उन्नीयादन

मंत्री पद नहीं मिलने से दुखी हूं, यूडीएफ के साथ बना रहूंगा: उन्नीयादन

मंत्री पद नहीं मिलने से दुखी हूं, यूडीएफ के साथ बना रहूंगा: उन्नीयादन
Modified Date: September 19, 2026 / 04:23 pm IST
Published Date: September 19, 2026 4:23 pm IST

त्रिशूर (केरलम), 19 सितंबर (भाषा) केरल कांग्रेस (जोसेफ) के नेता एवं विधायक थॉमस उन्नीयादन ने शनिवार को कहा कि वह लंबे राजनीतिक अनुभव के बावजूद मंत्री पद के लिए उनके नाम पर विचार नहीं किए जाने से दुखी हैं लेकिन वह केरल कांग्रेस और कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के साथ बने रहेंगे।

उन्नीदायन ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब एक दिन पहले इरिंजालकुडा में उनके समर्थकों और पार्टी नेताओं की ओर से अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाने के दौरान केरल कांग्रेस (जोसेफ) के कार्यकर्ताओं के दो समूहों के बीच झड़प हो गई थी।

पुलिस ने बताया कि उन्नीयादन के समर्थक होने का दावा करने वाले एक समूह और पार्टी के आधिकारिक गुट के सदस्यों के बीच शुक्रवार दोपहर इरिंजालकुडा में झड़प हुई।

पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि एक गुट ने त्रिशूर में उन्नीयादन के सम्मान में एक कार्यक्रम आयोजित किया था जबकि दूसरे गुट ने इरिंजालकुडा विधानसभा क्षेत्र के पार्टी नेताओं की बैठक बुलाई थी। पुलिस ने बताया कि झड़प नेतृत्व की बैठक के आयोजन स्थल पर हुई।

यह पूछे जाने पर कि क्या मंत्री पद नहीं दिए जाने के कारण उन्हें लगता है कि उन्हें दरकिनार किया गया, उन्नीयादन ने कहा कि उनका ध्यान अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की समस्याओं के समाधान और स्थानीय विकास पर केंद्रित है।

उन्नीयादन ने कहा कि उन्होंने 2001, 2006 एवं 2011 में इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था और वह एक अंतराल के बाद 2026 में फिर से निर्वाचित हुए।

उन्होंने कहा कि वह करीब पांच दशक से केरल कांग्रेस आंदोलन से जुड़े हैं और इसके छात्र एवं युवा संगठनों में विभिन्न पदों पर रहे हैं।

उन्नीयादन ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने 2010 में केरल कांग्रेस के दो गुटों के विलय में भूमिका निभाई थी और पार्टी के लिए कई पहल की थीं।

उन्होंने हालिया विधानसभा चुनाव में अपनी जीत का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने इरिंजालकुडा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के उम्मीदवार को 10,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया था।

उन्होंने कहा, ‘‘इन सभी बातों को देखते हुए जनता और केरल कांग्रेस के सदस्यों के बीच यह भावना पैदा हुई कि आगे की जिम्मेदारियों के लिए मेरे नाम पर विचार क्यों नहीं किया गया।’’

कांग्रेस नेता टी. एन. प्रतापन द्वारा की गई प्रशंसा के बाद उनके कांग्रेस के करीब जाने संबंधी सवाल पर उन्नीयादन ने कहा कि यूडीएफ में कांग्रेस, केरल कांग्रेस के लिए बड़े भाई की तरह है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि मैं केरल कांग्रेस का सदस्य हूं लेकिन हम सभी कांग्रेस के साथ खड़े हैं, जो यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट का नेतृत्व करती है। कांग्रेस हमारे मोर्चे का सबसे बड़ा भाई है।’’

उन्होंने इस बात को खारिज किया कि उनके समर्थकों द्वारा आयोजित मैत्री सम्मेलन पार्टी में विभाजन का संकेत है।

उन्नीदायन से सवाल किया गया कि क्या मंत्री पद के लिए उनके नाम पर विचार नहीं किए जाने से उन्हें दुख हुआ जबकि युवा नेताओं को पद दिए गए हैं, इसके जवाब में उन्नीयादन ने कहा, ‘‘मैंने कल भी कहा था कि मुझे दुख हुआ है।’’

हालांकि, उन्होंने उन कारणों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया जिनकी वजह से उन्हें मंत्री पद नहीं मिला।

पार्टी अध्यक्ष पी. जे. जोसेफ ने शुक्रवार को कहा था कि इरिंजालकुडा में समर्थकों के बीच हुई झड़प के मामले की जांच कराई जाएगी।

यूडीएफ के सत्ता में आने के बाद पार्टी नेता मॉन्स जोसेफ को जल संसाधन मंत्री बनाया गया था जबकि पी. जे. जोसेफ के बेटे अपू जॉन जोसेफ को मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया। अपू जॉन जोसेफ ने पहली बार चुनाव लड़ा था।

भाषा सिम्मी पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में