अगर मेरी अपनी सीट भी महिला के लिए आरक्षित हो जाए तो आपत्ति नहीं : गोवा के मुख्यमंत्री सावंत
अगर मेरी अपनी सीट भी महिला के लिए आरक्षित हो जाए तो आपत्ति नहीं : गोवा के मुख्यमंत्री सावंत
पणजी, 15 अप्रैल (भाषा) गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण का वकालत करते हुए बुधवार को कहा कि महिला कोटा कानून लागू होने के बाद अगर उनकी अपनी सीट भी आरक्षित हो जाती तो भी उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित ‘महिलाओं के साथ चर्चा’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि गोवा विधायी निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के कार्यान्वयन की उम्मीद कर रहा है। इस कानून को आमतौर पर महिला आरक्षण अधिनियम के रूप में जाना जाता है।
संसद का विस्तारित बजट सत्र 16 से 18 अप्रैल आयोजित किया जा रहा है और इस दौरान 2029 में महिला आरक्षण लागू करने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में संशोधन लाया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हम गोवा विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए तैयार हैं। हमें मौजूदा 40 सीटों में से 33 प्रतिशत (महिलाओं को) देने में कोई आपत्ति नहीं है। अगर मेरी खुद की सीट भी महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाती है, तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवा जैसे छोटे राज्यों में बढ़ने वाली विधानसभा सीट की सही संख्या की जानकारी महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर चर्चा के बाद ही मिल पाएगी।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में एक महिला प्रधानमंत्री भी रहीं, लेकिन तत्कालीन सरकारों ने निर्वाचित निकायों में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के बारे में कभी नहीं सोचा।
सावंत ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही थे जिन्होंने महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के बारे में सोचा। उन्होंने कहा, ‘‘महिलाओं को पंचायत से संसद तक प्रतिनिधित्व मिलेगा।’’
भाषा धीरज माधव
माधव

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