मैं अफगानिस्तान में गिरफ्तारी से बचकर निकली: केरलम की ‘ट्रैवल व्लॉगर’

मैं अफगानिस्तान में गिरफ्तारी से बचकर निकली: केरलम की ‘ट्रैवल व्लॉगर’

मैं अफगानिस्तान में गिरफ्तारी से बचकर निकली: केरलम की ‘ट्रैवल व्लॉगर’
Modified Date: September 15, 2026 / 08:15 am IST
Published Date: September 15, 2026 8:15 am IST

कोच्चि, 15 सितंबर (भाषा) अफगानिस्तान में ‘‘मुजाहिदीन’’ द्वारा गिरफ्तार किए जाने का दावा करने वाली केरलम की एक लोकप्रिय महिला ‘ट्रेवल व्लॉगर’ ने अब कहा है कि बामियान में स्थानीय अधिकारियों ने उन्हें देश के उस कानून का हवाला देते हुए गिरफ्तार करने की धमकी दी, जिसके तहत महिलाओं के किसी पुरुष साथी या ‘गाइड’ के बिना यात्रा करने पर पाबंदी है।

‘बैकपैकर अरुणिमा’ नाम से ‘फेसबुक पेज’ संचालित करने वाली व्लॉगर ने सोशल मीडिया पर अपनी हालिया पोस्ट में कहा, ‘‘इस देश के कानून के मुताबिक, एक महिला अकेले यात्रा नहीं कर सकती।’’

उन्होंने कहा कि अकेले होने के कारण उन्हें पहले जलालाबाद में भी यात्रा की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था।

व्लॉगर के अनुसार, बामियान में अधिकारियों ने उनसे कहा कि उन्होंने कानून का उल्लंघन किया है और उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वह शाम करीब सात बजे बामियान पहुंचीं, जहां अधिकारियों ने उनके पासपोर्ट, वीजा और यात्रा अनुमति पत्र के बारे में सवाल-जवाब किए।

व्लॉगर ने कहा कि जब उन्हें बताया गया कि उन्होंने कानून का उल्लंघन किया है तो वह काफी डर गईं।

महिला ने कहा कि इसके बाद उन्होंने बामियान पहुंचने में उनकी मदद करने वाले व्यक्ति से संपर्क किया और उसने उनकी ओर से अधिकारियों से बात की।

उनके फेसबुक पेज पर दी गई जानकारी के अनुसार, अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि वह आवश्यक अनुमति लें और एक ‘गाइड’ के साथ यात्रा करें। बातचीत के बाद आखिरकार उन्हें अगले गंतव्य की ओर जाने की अनुमति दे दी गई।

व्लॉगर ने कहा, ‘‘मुझे यह सब सिर्फ इसलिए झेलना पड़ा क्योंकि मैं एक महिला हूं।’’

उन्होंने कहा कि उनकी योजना उज्बेकिस्तान की सीमा की ओर करीब 500 किलोमीटर की यात्रा करने की थी और उन्हें अंदेशा था कि रास्ते में उन्हें कई जांच चौकियों से गुजरना पड़ेगा।

व्लॉगर ने कहा कि वह बेहद डरी हुई थीं और उन्हें आशंका थी कि कहीं उनके साथ कुछ अनहोनी न हो जाए इसलिए उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक ‘स्टोरी’ साझा की, ताकि कोई उनकी मदद के लिए आगे आ सके।

उन्होंने अपनी पिछली पोस्ट में भारतीय दूतावास से संपर्क करने में मदद करने का आग्रह करते हुए कहा था, ‘‘मैं अफगानिस्तान में मुसीबत में हूं। मैं बामियान में हूं।’’

उन्होंने अपनी पोस्ट में स्थानीय अधिकारियों की ओर से मिले कथित आधिकारिक संदेश का अनुवाद भी साझा किया था, जिसमें कहा गया था कि अफगानिस्तान में ‘‘मुजाहिदीन’’ ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

‘पीटीआई-भाषा’ इस पोस्ट की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका।

भाषा खारी वैभव

वैभव


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