मैंने रथ से आखिरी बातचीत में पहले कराहने और फिर गोलियों की आवाज सुनी : भाजपा विधायक घोष

मैंने रथ से आखिरी बातचीत में पहले कराहने और फिर गोलियों की आवाज सुनी : भाजपा विधायक घोष

मैंने रथ से आखिरी बातचीत में पहले कराहने और फिर गोलियों की आवाज सुनी : भाजपा विधायक घोष
Modified Date: May 7, 2026 / 06:01 pm IST
Published Date: May 7, 2026 6:01 pm IST

कोलकाता, सात मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक शंकर घोष ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यग्राम के पास शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या से कुछ देर पहले फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने गोलियों की आवाज सुनी थी।

घोष ने मध्यग्राम में एक निजी अस्पताल में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘मेरे पास शब्द नहीं हैं। विधानसभा में चंद्रनाथ हमारे सभी विधायकों के बहुत करीबी थे। वे शुभेंदु दा के भरोसेमंद सहयोगी थे। मुझे और कुछ नहीं कहना है।’’

भाजपा विधायक ने दावा किया कि वह बुधवार रात करीब 10 बजे उल्टाडांगा से लौटते समय रथ से फोन पर बात कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि हम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पश्चिम बंगाल यात्रा और शनिवार को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाले शपथ ग्रहण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भी संभावित तौर पर उपस्थित होने को लेकर चर्चा कर रहे थे।

सिलीगुड़ी से दूसरी विधायक चुने गए घोष ने बताया, ‘‘अचानक उनकी आवाज बदल गई। मुझे कुछ कराहने की आवाजें सुनाई दीं और फिर गोलियां चलने जैसी आवाजें सुनाई दीं। उसके बाद सन्नाटा छा गया।’’

विधायक ने कहा कि उन्होंने रथ को बार-बार फोन किया लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।

घोष ने कहा, ‘‘मैंने उन्हें संदेश भेजकर पूछा, ‘क्या आप ठीक हैं?’ लेकिन कोई जवाब नहीं आया। जब मैंने दोबारा फोन किया तो एक अज्ञात व्यक्ति ने जवाब दिया और मुझे बताया कि चंद्रनाथ को गोली मार दी गई है।’’

उन्होंने बताया कि शुभेंदु अधिकारी को घटना की जानकारी देने के बाद, वह तत्काल उस निजी अस्पताल की ओर रवाना हुए जहां रथ को ले जाया गया था।

भाजपा ने इस हत्या को ‘सुनियोजित’करार दिया है।

पूर्वी मेदिनीपुर जिले के चांदीपुर निवासी रथ को शुभेंदु अधिकारी का सबसे करीबी सहयोगी माना जाता था। उनकी बुधवार रात अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी।

भाषा धीरज नरेश

नरेश


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