मैं साथ काम करने वाले सभी नेताओं का मान-सम्मान करता हूं: सचिन पायलट
मैं साथ काम करने वाले सभी नेताओं का मान-सम्मान करता हूं: सचिन पायलट
जयपुर, 10 जून (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हालिया तीखे हमलों के कुछ दिन बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने बुधवार को कहा कि वह अपने साथ काम करने वाले सभी नेताओं का सम्मान करते हैं और इस बात पर बल दिया कि विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद कभी नहीं रहे।
करौली जिले में एक किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए पायलट ने गहलोत का नाम लिए बिना सार्वजनिक जीवन और राजनीति में अनुशासन, संयम और धैर्य के महत्व पर जोर दिया।
राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जो लोग राजनीतिक क्षेत्र में काम करते हैं और जिनके साथ हमने काम किया है, मैं प्रत्येक व्यक्ति का दिल से मान-सम्मान करता हूं। हमारे विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मन से कोई मतभेद नहीं है।’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप किसी की आंखों में आंखें डालकर देखेंगे तो आपको पता चल जाएगा कि वह सच बोल रहा है या झूठ।’’
पायलट ने कहा, ‘‘दुनिया भर में लोग कैसा व्यवहार करते हैं, यह हमारे नियंत्रण में नहीं है, लेकिन हम अपने बच्चों को कैसे संस्कार देते हैं, यह हमारे हाथ में है। दुनिया चाहे जो कहे, लेकिन यदि हम अपनी अगली पीढ़ी को शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार भी देंगे, तभी देश सही दिशा में आगे बढ़ेगा।’’
राजनीतिक जीवन में अनुशासन और धैर्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘जीवन और राजनीति में अनुशासन, संयम और धैर्य बेहद महत्वपूर्ण हैं। हमारी पहली प्राथमिकता देश और प्रदेश की जनता है, जबकि दूसरी प्राथमिकता हमारी विचारधारा और पार्टी है। जो मेहनत करता है, उसकी मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती।’’
कांग्रेस नेता राहुल गांधी का उल्लेख करते हुए पायलट ने कहा, ‘‘वह (राहुल गांधी) कहते हैं कि हमें ‘मोहब्बत की दुकान’ खोलनी है। कोई व्यक्ति हमसे असहमत हो सकता है या हमारी बात न माने, लेकिन उसे इतना सम्मान और प्यार दें कि वह स्वयं आपके साथ चलने लगे।’’
इस अवसर पर पायलट ने अपने पिता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत राजेश पायलट की प्रतिमा का भी अनावरण किया।
हाल में अशोक गहलोत ने कहा था कि सितंबर 2022 की घटना कांग्रेस आलाकमान के खिलाफ बगावत नहीं थी, बल्कि सचिन पायलट के मुख्यमंत्री बनने की संभावना को लेकर विधायकों के बीच असहमति का परिणाम थी।
जयपुर में 25 सितंबर 2022 को कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष को राज्य के नेतृत्व परिवर्तन पर निर्णय लेने का अधिकार देने वाला एक पंक्ति का प्रस्ताव पारित किया जाना था।
हालांकि, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के पर्यवेक्षकों के जयपुर पहुंचने और तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा आधिकारिक बैठक बुलाए जाने के बावजूद कई विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए। इसके बजाय वे गहलोत के करीबी सहयोगी और तत्कालीन मंत्री शांति धारीवाल के आवास पर इकट्ठा हो गए।
नतीजतन, कांग्रेस में आमतौर पर पारित होने वाला यह प्रस्ताव कई वर्षों में पहली बार पारित नहीं हो सका।
भाषा पृथ्वी खारी
खारी

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