राज्यपाल की धमकी के आगे नहीं झुकुंगा : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान

राज्यपाल की धमकी के आगे नहीं झुकुंगा : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान

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  • Publish Date - August 26, 2023 / 06:48 PM IST,
    Updated On - August 26, 2023 / 06:48 PM IST

चंडीगढ़, 26 अगस्त (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की ‘‘धमकी’’ देने के लिए शनिवार को राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित पर निशाना साधा और पूछा कि भाजपा शासित राज्यों में राज्यपाल कानून-व्यवस्था की स्थिति पर ‘‘चुप’’ क्यों हैं।

मान ने कहा कि ‘‘चयनित’’ राज्यपाल के पास लोगों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को ‘‘धमकाने’’ का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि वह ‘‘झुकने वाले नहीं हैं।’’

मुख्यमंत्री ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि राज्यपाल दिल्ली, पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में गैर-भाजपा सरकारों के कामकाज में बाधाएं पैदा करने के लिए केंद्र सरकार की ‘‘कठपुतली’’ के रूप में काम कर रहे हैं और ऐसी बातें देश के संघीय ढांचे के लिए अच्छा संकेत नहीं हैं।

मान ने कहा, ‘‘(अनुच्छेद) 356 के कारण पंजाब अतीत में सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। इसलिए, हमारे घावों पर नमक मत छिड़किए… राज्यपाल साहब, पंजाबियों के धैर्य और भावनाओं की परीक्षा लेने की कोशिश मत कीजिए।’’

राज्यपाल, मान पर उन्हें भेजे गए पत्रों का जवाब नहीं देने का आरोप लगाते रहे हैं। पुरोहित ने शुक्रवार को मान सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर उनके पत्रों का जवाब नहीं दिया गया तो वह राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर सकते हैं और आपराधिक कार्यवाही भी शुरू कर सकते हैं।

मान ने शनिवार को कहा कि राज्यपाल ने 16 पत्र लिखे, जिनमें से नौ का जवाब दिया गया है और बाकी पर कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि शेष पत्रों के उत्तर तैयार किए जा रहे हैं और आने वाले सप्ताह में दिए जाएंगे क्योंकि कुछ मामलों में विस्तृत जानकारी एकत्र करनी होती है, जिसमें समय लगता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्यपाल के पत्रों से ‘‘सत्ता की भूख की बू आती है।’’

उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि राज्यपाल पुरोहित शायद ‘‘राजनीतिक रूप से अप्रासंगिक’’ महसूस कर रहे हैं और अब वह राजस्थान में होने वाले चुनाव के लिए भाजपा के मुख्यमंत्री पद का चेहरा बन सकते हैं, जहां से वह मूल रूप से आते हैं और वहां सत्ता संभाल सकते हैं ताकि वह स्वतंत्र रूप से आदेश दे सकें।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रपति शासन लगाने जैसी ‘‘धमकी’’ से वह और पंजाबी डरने वाले नहीं हैं।

मान ने राज्यपाल की ‘‘असंवैधानिक’’ टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा, ‘‘राज्यपाल ने पंजाब के लोगों, राज्य के शांतिप्रिय लोगों को जो धमकी दी है, मैं उसे राष्ट्रपति शासन लगाने की ‘धमकी’ कहूंगा।’’

मान ने दावा किया कि उनकी सरकार मादक पदार्थ के संकट से निपटने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है, तस्करों की संपत्तियों को जब्त कर रही है और कुख्यात अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, लेकिन राज्यपाल का दावा है कि राज्य में कानून और व्यवस्था ठीक नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं राज्यपाल साहब से पूछना चाहता हूं कि क्या हरियाणा के राज्यपाल ने नूंह में जो कुछ हुआ, सांप्रदायिक झड़पें और हिंसा हुई और कर्फ्यू लगाना पड़ा, उसके संबंध में हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर को कोई नोटिस जारी किया है? क्या हरियाणा के राज्यपाल ने खट्टर को कोई पत्र लिखा है?, नहीं, क्योंकि केंद्र में उनकी सरकार है।’’

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब के राज्यपाल पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं, लेकिन उन्होंने जातीय हिंसा से जूझ रहे मणिपुर पर कभी कोई बयान नहीं दिया, ‘‘क्या संविधान मणिपुर में लागू नहीं है?’’

अतीक अहमद हत्याकांड का जिक्र करते हुए मान ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पत्रकारों के सामने एक हत्या हो जाती है, ‘‘लेकिन क्या उत्तर प्रदेश के राज्यपाल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए योगी आदित्यनाथ को कोई पत्र जारी करने की हिम्मत करेंगे।’’

भाषा शफीक माधव

माधव