आईआईसीटी और नेटफ्लिक्स 100 विद्यार्थियों, पेशेवरों को देंगे छात्रवृत्ति

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आईआईसीटी और नेटफ्लिक्स 100 विद्यार्थियों, पेशेवरों को देंगे छात्रवृत्ति

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  • Publish Date - August 26, 2026 / 08:24 PM IST,
    Updated On - August 26, 2026 / 08:24 PM IST

नयी दिल्ली, 26 अगस्त (भाषा) भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) और नेटफ्लिक्स ने देशभर के 100 विद्यार्थियों और कामकाजी पेशेवरों के लिए छात्रवृत्ति की घोषणा की है। इसके तहत एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और संबंधित रचनात्मक प्रौद्योगिकियों से जुड़े छह कार्यक्रमों के लिए 80 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता दी जाएगी।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि ये छात्रवृत्तियां इस महीने की शुरुआत में शुरू की गई ‘नेटफ्लिक्स इंडिया स्टोरीटेलिंग इनिशिएटिव’ का हिस्सा हैं।

यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नेटफ्लिक्स के सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी टेड सारंडोस के बीच हुई बैठक के बाद शुरू की गई थी।

मोदी ने पांच अगस्त को सारंडोस से मुलाकात के दौरान भारत की ‘‘समृद्ध कहानी कहने की परंपरा’’ और देश में मौजूद रचनात्मक प्रतिभाओं का उल्लेख किया था।

प्रधानमंत्री ने कहा था कि इन क्षमताओं का इस्तेमाल भारत को वैश्विक स्तर पर सामग्री निर्माण का केंद्र बनाने के लिए किया जा सकता है।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि बैठक के बाद शुरू की गई ‘नेटफ्लिक्स इंडिया स्टोरीटेलिंग इनिशिएटिव’ का उद्देश्य भारत की रचनात्मक प्रतिभाओं की श्रृंखला में निवेश करना और अगली पीढ़ी के कहानीकारों को एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग एवं कॉमिक्स (एवीजीसी) पारिस्थितिकी तंत्र में उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल से लैस करना है।

इस नयी पहल के तहत आईआईसीटी में दो एक वर्षीय डिप्लोमा कार्यक्रमों और चार छह महीने के प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों के लिए छात्रवृत्तियां दी जाएंगी।

डिप्लोमा कार्यक्रमों में ‘इंटरएक्टिव कॉमिक्स एंड सीक्वेंशियल आर्ट्स’ और ‘विजुअल इफेक्ट्स मास्टरी’ शामिल हैं। वहीं, प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों में ‘वर्चुअल आर्ट डिपार्टमेंट कंटेंट क्रिएशन’, ‘मीडिया टेक वर्कफ्लो’, ‘आर्ट ऑफ कैरेक्टर एनीमेशन’ तथा ‘ई-स्पोर्ट्स एंड गेमिंग मैनेजमेंट’ शामिल हैं।

मंत्रालय ने कहा कि आईआईसीटी के ‘विजुअल इफेक्ट्स मास्टरी’ और ‘मीडिया टेक वर्कफ्लो’ कार्यक्रमों का पाठ्यक्रम नेटफ्लिक्स के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है, ताकि उन्हें मौजूदा उद्योग प्रक्रियाओं और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाया जा सके।

छात्रवृत्ति के लिए पूरे भारत के विद्यार्थी और कामकाजी पेशेवर आवेदन कर सकेंगे।

आईआईसीटी को एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी (एवीजीसी-एक्सआर) क्षेत्र के लिए भारत के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में स्थापित किया गया है। यह सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की महाराष्ट्र सरकार, फिक्की और सीआईआई के साथ साझेदारी में शुरू की गई पहल है।

यह संस्थान फिलहाल मुंबई के पेडर रोड स्थित नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के परिसर से संचालित हो रहा है। इसका स्थायी परिसर गोरेगांव स्थित फिल्म सिटी में 10 एकड़ भूमि पर विकसित किया जा रहा है।

सूचना एवं प्रसारण सचिव तथा आईआईसीटी बोर्ड के अध्यक्ष चंचल कुमार ने कहा कि संस्थान की परिकल्पना भारत की रचनात्मक प्रतिभाओं और वैश्विक एवीजीसी-एक्सआर उद्योग की बदलती जरूरतों के बीच एक सेतु के रूप में की गई है।

कुमार ने कहा, ‘‘प्रमुख वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी इस सेतु के निर्माण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।’’

उन्होंने कहा कि इस तरह के सहयोग से उद्योग का ज्ञान कक्षाओं तक पहुंचेगा और भारत की बढ़ती रचनात्मक अर्थव्यवस्था के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने में मदद मिलेगी।

भाषा रवि कांत रवि कांत संतोष

संतोष