मोतिहारी (बिहार), 31 अगस्त (भाषा) बिहार के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के मंत्री मदन सहनी ने सोमवार को कहा कि पटना के बिहटा में जहरीली शराब से हुई मौतों की वजह जहरीले पदार्थ वाली भारत निर्मित विदेशी मदिरा (आईएमएफएल) का सेवन हो सकती है।
रविवार को राज्य की राजधानी के बाढ़ इलाके में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। बिहार में अप्रैल 2016 से शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध है।
सहनी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बात करते हुए दावा किया कि शराब पीने के ‘कुछ समय बाद’ ही मौत हुईं और घटनास्थल पर एक मशहूर ब्रांड की बोतल मिली।
उन्होंने कहा, “अगर मौतें जहरीली शराब पीने से हुई होतीं, तो इसमें कुछ समय लगता और मरने से पहले आंखों की रोशनी जाने जैसे लक्षण दिखाई देते।”
मंत्री ने कहा, “इसके अलावा शराब की मात्रा इतनी कम थी कि उससे कोई गंभीर समस्या होने की आशंका नहीं थी। जिस स्थान पर चार लोगों ने शराब पी थी, वहां एक पांचवां व्यक्ति भी मौजूद था। उस पांचवें व्यक्ति की तलाश की जा रही है, जो यह पता लगाने में मदद कर सकता है कि भारतीय निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) में क्या मिलाया गया था।”
सहनी ने कहा कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा कि पुलिस और उनका विभाग सबूत इकट्ठा करने के बाद मामले की जांच कर रहे हैं, जिसमें घटनास्थल से मिली बोतल भी शामिल है। मंत्री ने यह भी कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उन कंपनियों या ब्रांड्स को नोटिस जारी करें जिनकी शराब भविष्य में शराब-मुक्त राज्य में जब्त की जाएगी।
उन्होंने कहा, “अगर विभाग को आईएमएफएल बनाने वाली कंपनियों से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो शराब ले जाने वाले व्यक्ति के अलावा कंपनी के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।”
भाषा प्रशांत जोहेब
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