केरलम में भाजपा ने ईडी मामले को लेकर विजयन के नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफे की मांग की

केरलम में भाजपा ने ईडी मामले को लेकर विजयन के नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफे की मांग की

केरलम में भाजपा ने ईडी मामले को लेकर विजयन के नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफे की मांग की
Modified Date: September 11, 2026 / 09:41 am IST
Published Date: September 11, 2026 9:41 am IST

तिरुवनंतपुरम, 11 सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरलम इकाई ने सीएमआरएल से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की नवीनतम कार्रवाई का हवाला देते हुए शुक्रवार को माकपा के वरिष्ठ पोलित ब्यूरो सदस्य पिनराई विजयन से विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा देने की मांग की।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि विपक्ष की भूमिका वी. डी. सतीशन के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार को जवाबदेह बनाना है न कि अपने ही नेता के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों का बचाव करना।

चंद्रशेखर ने सवाल किया, ‘यदि विपक्ष का नेतृत्व भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे किसी नेता द्वारा किया जाएगा, तो विधानसभा में चर्चा का विषय क्या होगा? क्या रोज-रोज की चर्चाएं व्यक्तिगत भ्रष्टाचार को सही ठहराने तक सीमित रह जाएंगी?’

केरलम विधानसभा में भाजपा के तीन विधायकों में शामिल चंद्रशेखर सदन में नेमोम निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) भी विपक्ष का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि विजयन के खिलाफ आरोप पूरे विपक्ष के कामकाज को प्रभावित कर रहे हैं।

चंद्रशेखर ने कहा, ‘अगले चार-पांच वर्षों में हमारा मुख्य कर्तव्य मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन और उनकी सरकार की गलतियों को उजागर करना, उनसे जिम्मेदारी के साथ सवाल करना और कांग्रेस-लीग सरकार को केरल के लोगों से किए गए वादों को पूरा करने के लिए मजबूर करना है।’

चंद्रशेखर ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा करने और राज्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए विजयन को नेता प्रतिपक्ष का पद छोड़ देना चाहिए।

उनकी यह टिप्पणी ईडी द्वारा केरलम के पुलिस प्रमुख को पत्र लिखकर सीएमआरएल से जुड़े मामले के संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री विजयन, उनकी बेटी टी. वीणा, दामाद पी. ए. मोहम्मद रियास और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आग्रह किए जाने के कुछ दिनों बाद आई है।

भाषा

प्रचेता वैभव

वैभव


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