मध्य भारत के बाघ गलियारा से गुजरने वाली रेल लाइन को सैद्धांतिक मंजूरी

मध्य भारत के बाघ गलियारा से गुजरने वाली रेल लाइन को सैद्धांतिक मंजूरी

मध्य भारत के बाघ गलियारा से गुजरने वाली रेल लाइन को सैद्धांतिक मंजूरी
Modified Date: August 2, 2026 / 10:16 pm IST
Published Date: August 2, 2026 10:16 pm IST

नयी दिल्ली, दो अगस्त (भाषा) मध्य प्रदेश के सतपुड़ा बाघ अभयारण्य और महाराष्ट्र के मेलघाट बाघ अभयारण्य के बीच स्थित बाघ गलियारे (टाइगर कॉरिडोर) में 200 हेक्टेयर से अधिक वन भूमि को प्रभावित करने वाली एक रेल लाइन परियोजना को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति (एससी-एनबीडब्ल्यूएल) ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।

एससी-एनबीडब्ल्यूएल ने जबलपुर स्थित राज्य वन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर शमन उपाय अपनाने समेत कई शर्तों के साथ परियोजना को मंजूरी देने की सिफारिश की है।

परियोजना की वन्यजीव संरक्षण प्रबंधन रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित रेल लाइन सतपुड़ा-मेलघाट बाघ गलियारे के दो स्थानों और पारिस्थितिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सतपुड़ा-पेंच-मेलघाट परिदृश्य के पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र को प्रभावित करेगी।

रिपोर्ट के अनुसार, यह गलियारा सतपुड़ा क्षेत्र के वनों की निरंतरता बनाए रखने और मध्य भारत में बाघों के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

रिपोर्ट में परियोजना के वन्यजीवों पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का भी उल्लेख किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, रेल लाइन से वन्यजीवों की आवाजाही बाधित हो सकती है। इसमें रेल यातायात, शोर, प्रदूषण और मानवीय गतिविधियों के कारण मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ने तथा जानवरों के प्राकृतिक आवास और विचरण क्षेत्र के प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।

प्रस्तावित परियोजना मध्य रेलवे द्वारा मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के जुझारपुर से नर्मदापुरम जिले के चिचोंडा तक तीसरी रेल लाइन बिछाने से संबंधित है। परियोजना स्थल का निरीक्षण इस वर्ष मार्च में एससी-एनबीडब्ल्यूएल की समिति ने किया था।

भाषा राखी अमित

अमित

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