कोलकाता में फैक्ट्री में आग लगने के मामले में मुख्यमंत्री ने इमारत गिराने का निर्देश दिया

कोलकाता में फैक्ट्री में आग लगने के मामले में मुख्यमंत्री ने इमारत गिराने का निर्देश दिया

कोलकाता में फैक्ट्री में आग लगने के मामले में मुख्यमंत्री ने इमारत गिराने का निर्देश दिया
Modified Date: May 13, 2026 / 03:49 pm IST
Published Date: May 13, 2026 3:49 pm IST

कोलकाता, 13 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को कहा कि तिलजला फैक्ट्री में आग की घटना की जांच कर रही एक समिति ने पाया है कि यह इकाई अवैध रूप से संचालित हो रही थी, इसके पास कोई स्वीकृत भवन मानचित्र नहीं था, और इसमें आग और बिजली से जुड़ी सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम भी नहीं थे।

मंगलवार दोपहर को कोलकाता के तिलजला इलाके में एक इमारत में आग लगने से दो लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य लोग झुलस गए।

अधिकारी ने जांच के नतीजों की समीक्षा करने के बाद पत्रकारों से कहा कि सरकार ने फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री ने एजेंसियों को जरूरी सेवाएं बंद करने और इमारत गिराने का निर्देश दिया है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने चार विभागों की एक टीम बनाई और उनसे रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट में पाया गया कि यह इमारत अवैध थी, इसके पास कोई स्वीकृत भवन मानचित्र नहीं था, और आग से सुरक्षा और बिजली से जुड़े बुनियादी नियमों का पालन नहीं किया गया था। यह पूरी तरह से अवैध थी।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना के सिलसिले में फैक्ट्री मालिक और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है।

अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार ने बिजली कंपनी सीईएससी लिमिटेड को निर्देश दिया है कि वह बिना स्वीकृत भवन मानचित्र वाली अवैध फैक्ट्रियों की बिजली हमेशा के लिए काट दे।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने बिजली हमेशा के लिए काटने को कहा है और सीईएससी को निर्देश दिया है कि वह तिलजला, कसबा और दूसरे इलाकों में उन अवैध फैक्ट्रियों की बिजली तुरंत काट दे जिनके पास स्वीकृत भवन मानचित्र नहीं हैं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोलकाता नगर निगम को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह इस इकाई की पानी की आपूर्ति काट दे और एक दिन के अंदर इस अवैध इमारत को गिरा दे।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अवैध गतिविधियों और भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाई जाएगी।’’

तिलजला में इमारत की पहली मंज़िल पर आग लगी थी, जिसका इस्तेमाल चमड़े के गोदाम के तौर पर किया जाता था। दोपहर करीब 1.45 बजे आग भड़की और देखते ही देखते लपटें फैल गईं, जिससे पूरा इलाका घने काले धुएं से भर गया।

भाषा वैभव पवनेश

पवनेश


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