भारत और कनाडा सुरक्षा सहयोग को और पुख्ता करने के लिए ‘साझा कार्य योजना’ बनाएंगे

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भारत और कनाडा सुरक्षा सहयोग को और पुख्ता करने के लिए 'साझा कार्य योजना' बनाएंगे

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  • Publish Date - February 9, 2026 / 12:45 AM IST,
    Updated On - February 9, 2026 / 12:45 AM IST

नयी दिल्ली, आठ फरवरी (भाषा) भारत और कनाडा राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून प्रवर्तन मुद्दों पर सहयोग के लिए एक ‘साझा कार्य योजना’ तैयार करने पर सहमत हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक दोनों देश अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क जैसी पारस्परिक चिंताओं को दूर करने के लिए व्यावहारिक सहयोग की एक व्यापक योजना पर भी सहमत हुए हैं।

इसके मुताबिक दोनों देशों ने यह निर्णय शनिवार को ओटावा में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल और उनकी कनाडाई समकक्ष नताली ड्रोइन के बीच हुई बैठक के दौरान लिया।

इस कदम को दोनों देशों द्वारा अपने संबंधों को सामान्य बनाने के प्रयासों के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें 2023 में एक खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर हुए राजनयिक विवाद के बाद गतिरोध पैदा हो गया था।

एनएसए डोभाल की ओटावा यात्रा ऐसे समय में हुई है जब दोनों पक्ष अगले महीने की शुरुआत में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की संभावित भारत यात्रा की तैयारी कर रहे हैं।

विदेश मंत्रालय ने डोभाल-ड्रोइन के बीच हुई बैठक का विवरण साझा करते हुए रविवार को कहा कि दोनों पक्षों ने अपने देशों और नागरिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई पहलों पर हुई प्रगति को स्वीकार किया।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘ उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून प्रवर्तन मुद्दों पर द्विपक्षीय सहयोग का मार्गदर्शन करने और संबंधित प्राथमिकताओं पर व्यावहारिक सहयोग के वास्ते एक साझा कार्य योजना पर सहमति जताई है। ’’

इसमें कहा गया, ‘‘बैठक के दौरान यह सहमति बनी कि प्रत्येक देश सुरक्षा और कानून प्रवर्तन संपर्क अधिकारी नियुक्त करेगा और उनकी संबंधित एजेंसियां ​​कामकाजी संबंधों को मजबूत करेंगी।’’

बयान के मुताबिक यह ‘महत्वपूर्ण कदम’ द्विपक्षीय संवाद को सुव्यवस्थित करने और ‘आपसी चिंता’ के मुद्दों जैसे कि ‘‘ मादक पदार्थों का अवैध प्रवाह और अंतरराष्ट्रीय संगठित आपराधिक नेटवर्क’’ को लेकर समय पर सूचना साझा करने में मदद करेगा।

इसमें कहा गया, ‘‘दोनों पक्षों ने साइबर सुरक्षा नीति और साइबर सुरक्षा मुद्दों पर सूचना साझाकरण पर सहयोग को औपचारिक रूप देने के साथ-साथ घरेलू कानूनों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप धोखाधड़ी और आव्रजन प्रवर्तन से संबंधित सहयोग पर चर्चा जारी रखने के लिए भी प्रतिबद्धता जताई है।’’

भाषा धीरज प्रशांत

प्रशांत