भारत और वियतनाम सैन्य उपकरणों के संयुक्त उत्पादन पर विचार कर रहे

भारत और वियतनाम सैन्य उपकरणों के संयुक्त उत्पादन पर विचार कर रहे

भारत और वियतनाम सैन्य उपकरणों के संयुक्त उत्पादन पर विचार कर रहे
Modified Date: May 19, 2026 / 11:40 pm IST
Published Date: May 19, 2026 11:40 pm IST

(फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, 19 मई (भाषा) भारत और वियतनाम ने मंगलवार को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। दोनों देशों ने अपनी ‘विस्तारित व्यापक सामरिक साझेदारी’ के अनुरूप संयुक्त रूप से सैन्य उपकरणों के उत्पादन के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके वियतनामी समकक्ष जनरल फान वान जियांग के बीच हुई बैठक का मुख्य एजेंडा रक्षा संबंधों का विस्तार था। यह बैठक हनोई में हुई।

रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘दोनों मंत्रियों ने दोनों देशों के बीच बढ़ती रक्षा साझेदारी की समीक्षा की और समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग, प्रशिक्षण एवं क्षेत्रीय स्थिरता में सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की।’’

सूत्रों ने बताया कि सैन्य उपकरणों के संयुक्त उत्पादन के लिए रक्षा औद्योगिक सहयोग सिंह-जियांग बैठक के प्रमुख बिंदुओं में से एक था।

यह भी पता चला है कि वियतनाम ने भारत से ब्रह्मोस मिसाइलें खरीदने में गहरी दिलचस्पी दिखाई है।

सिंह सोमवार को दो-दिवसीय दौरे पर वियतनाम की राजधानी हनोई पहुंचे।

वार्ता के बाद, भारत और वियतनाम ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और क्वांटम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

रक्षा मंत्री का हनोई दौरा भारत और वियतनाम के अपने संबंधों को उन्नत व्यापक सामरिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने के कुछ दिनों बाद हुआ।

मंत्रालय ने सिंह-जियांग की मुलाकात के बारे में कहा, ‘दोनों पक्षों ने पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता, सुरक्षा एवं नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।’’

मंत्रालय ने, ‘‘उन्होंने सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा उद्योग सहयोग, समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण, संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा, साइबर सुरक्षा और उच्चस्तरीय आदान-प्रदान सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।’’

बैठक में जनरल जियांग ने भारत के निरंतर समर्थन की सराहना की और दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही मित्रता और बढ़ते रणनीतिक सहयोग पर प्रकाश डाला।

दोनों रक्षा मंत्रियों ने वियतनाम के वायुसेना अधिकारी महाविद्यालय में एक भाषा प्रयोगशाला का वर्चुअल उद्घाटन किया। यह प्रयोगशाला भारत की सहायता से स्थापित की गई है।

सिंह ने न्हा ट्रांग स्थित दूरसंचार विश्वविद्यालय में एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोगशाला स्थापित करने के निर्णय की भी घोषणा की।

रक्षा मंत्री ने वियतनामी राष्ट्रपति तो लाम से भी मुलाकात की और उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

बैठक में सिंह ने रक्षा एवं सुरक्षा, व्यापार एवं निवेश, समुद्री सहयोग, कनेक्टिविटी और जन-समुदायों के बीच आदान-प्रदान सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।

वियतनामी राष्ट्रपति ने भारत-वियतनाम के बढ़ते द्विपक्षीय सहयोग की सराहना की और अपने देश के विकास और रणनीतिक प्राथमिकताओं में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया।

भाषा सुरेश पारुल

पारुल


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