भारत ने पाकिस्तान से 188 भारतीय मछुआरों, आम नागरिकों की रिहाई में तेजी लाने को कहा

भारत ने पाकिस्तान से 188 भारतीय मछुआरों, आम नागरिकों की रिहाई में तेजी लाने को कहा

भारत ने पाकिस्तान से 188 भारतीय मछुआरों, आम नागरिकों की रिहाई में तेजी लाने को कहा
Modified Date: July 1, 2026 / 09:19 pm IST
Published Date: July 1, 2026 9:19 pm IST

नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि भारत ने पाकिस्तान से उन 188 भारतीय मछुआरों और आम नागरिकों की रिहाई एवं स्वदेश वापसी में तेजी लाने का आग्रह किया है, जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली है।

मंत्रालय ने यह भी कहा, ‘‘भारत सरकार की लगातार कोशिशों के कारण, 2014 से अब तक पाकिस्तान से 2,661 भारतीय मछुआरों और 78 आम (भारतीय) कैदियों को वापस लाया गया है। इनमें 500 भारतीय मछुआरे और 20 आम नागरिक शामिल हैं, जिन्हें 2023 से लेकर अब तक पाकिस्तान से वापस लाया गया है।’’

इसके अलावा, नयी दिल्ली ने भारत की जेलों में बंद उन 386 आम कैदियों और 53 मछुआरों की सूची पाकिस्तान के साथ साझा की है, जो पाकिस्तानी हैं या जिनके पाकिस्तानी होने का संदेह है।

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत और पाकिस्तान ने आज नयी दिल्ली और इस्लामाबाद में एक साथ राजनयिक माध्यमों के जरिये, एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद आम कैदियों और मछुआरों की सूची का आदान-प्रदान किया।’’

भारत और पाकिस्तान के बीच 2008 में हुए ‘राजनयिक पहुंच’ समझौते के प्रावधानों के तहत, दोनों देश ऐसी सूची हर साल एक जनवरी और एक जुलाई को एक-दूसरे को सौंपते हैं।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘भारत ने अपनी हिरासत में मौजूद उन 386 आम नागरिकों और 53 मछुआरों की सूची साझा की है, जो पाकिस्तानी हैं या जिनके पाकिस्तानी होने का संदेह है। इसी तरह, पाकिस्तान ने अपनी हिरासत में मौजूद उन 52 आम नागरिकों और 198 मछुआरों की सूची साझा की है, जो भारतीय हैं या जिनके भारतीय होने का संदेह है।’’

सरकार ने कहा है कि भारत सरकार, अपने आम नागरिकों, मछुआरों और लापता भारतीय रक्षा कर्मियों की जल्द रिहाई और वतन वापसी की निरंतर मांग करती रही है।

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘पाकिस्तान से उन 188 भारतीय मछुआरों और आम नागरिकों की रिहाई करने तथा उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया है, जिनकी सजा पूरी हो चुकी है। इसके अलावा, पाकिस्तान से उन 13 आम नागरिकों तक तुरंत राजनयिक पहुंच प्रदान करने को भी कहा गया है, जो पाकिस्तान की हिरासत में हैं, जिनके भारतीय होने का संदेह है और जिन्हें अब तक राजनयिक पहुंच मुहैया नहीं किया गया है।’’

भाषा सुभाष सुरेश

सुरेश


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