भारत साझी विरासत वाले लोगों को शरण दे सकता है, न कि अवैध घुसपैठियों को : गडकरी

भारत साझी विरासत वाले लोगों को शरण दे सकता है, न कि अवैध घुसपैठियों को : गडकरी

भारत साझी विरासत वाले लोगों को शरण दे सकता है, न कि अवैध घुसपैठियों को : गडकरी
Modified Date: April 2, 2026 / 10:44 pm IST
Published Date: April 2, 2026 10:44 pm IST

गुवाहाटी, दो अप्रैल (भाषा) केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत साझी विरासत वाले लोगों को शरण दे सकता है लेकिन अवैध घुसपैठियों को स्वीकार नहीं कर सकता क्योंकि इससे देश “धर्मशाला” में बदल जाएगा।

उन्होंने कहा कि भाजपा किसी भी जाति, धर्म या भाषा के खिलाफ नहीं है और विविधता में एकता ही “हमारी विशेषता है”।

गडकरी ने कहा कि विशिष्ट धर्म के लोगों को मतदान का अधिकार देने में दी गई छूट संविधान के “मार्गदर्शन” के अनुसार है।

वह स्पष्ट रूप से संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) के तहत पड़ोसी देशों से उत्पीड़ित धार्मिक अल्पसंख्यकों को दी गई नागरिकता का जिक्र कर रहे थे।

गडकरी ने पलाशबाड़ी से भाजपा उम्मीदवार हिमांशु शेखर बैश्य के लिए प्रचार करते हुए कहा, “भाजपा किसी जाति, क्षेत्र, धर्म या भाषा के खिलाफ नहीं है। विविधता में एकता ही हमारा मूलमंत्र है। लेकिन जो विदेशी नागरिक आते हैं, क्या उन्हें मतदान का अधिकार दिया जाना चाहिए? फिर आप सबका क्या होगा?”

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि संविधान इस संबंध में “मार्गदर्शन” प्रदान करता है क्योंकि “सिख, हिंदू, बौद्ध, जैन निर्वासित हैं और उनका कोई दूसरा देश नहीं है”।

गडकरी ने कहा कि मतदान का अधिकार हालांकि “अन्य विदेशियों” को नहीं दिया जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले एक दशक में असम को पूरी तरह से बदल दिया है।

केंद्रीय मंत्री ने सत्ता में वापस आने पर तेज प्रगति का वादा किया।

उन्होंने केंद्र सरकार की राज्य और पूर्वोत्तर में पूरी हो चुकी या निर्माणाधीन विभिन्न सड़क परियोजनाओं को सूचीबद्ध करते हुए सभा में मौजूद लोगों को आश्वासन दिया कि “अगले तीन वर्षों में असम का पूरा सड़क नेटवर्क अमेरिका के सड़क नेटवर्क जैसा हो जाएगा”।

गडकरी ने लोगों से राज्य को आगे ले जाने के लिए भाजपा पर भरोसा जताने का आग्रह किया।

उन्होंने गुवाहाटी सेंट्रल सीट से भाजपा के उम्मीदवार विजय कुमार गुप्ता के लिए प्रचार करते हुए कहा कि कुछ लोग भाजपा को सांप्रदायिक पार्टी बताकर मतदाताओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संविधान के अनुसार भारत में शरण मांगने वालों को आश्रय दिया जा सकता है, लेकिन “अवैध रूप से प्रवेश करने वालों को नागरिकता नहीं दी जा सकती”।

उन्होंने कहा, “अगर हम लोगों को अवैध रूप से अंदर आने की अनुमति देते हैं, तो हम धर्मशाला बन जाएंगे।”

गडकरी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत के पड़ोस में रहने वाले लोगों की एक साझा विरासत, संस्कृति और जीवन शैली है, जो देश की एकता का आधार बनती है।

उन्होंने कहा कि भारत का धर्मनिरपेक्ष स्वरूप किसी राजनीतिक विचारधारा के कारण नहीं बल्कि “हिंदू संस्कृति” के कारण है, जो सभी के लिए शांति और समृद्धि में विश्वास रखती है।

असम में विधानसभा चुनाव नौ अप्रैल को होंगे। मतगणना चार मई को होगी। भाषा प्रशांत जितेंद्र

जितेंद्र


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