नयी दिल्ली, सात जून (भाषा) कांग्रेस ने कहा कि 23 राजनीतिक दलों ने सोमवार को यहां कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होने वाली ‘‘इंडिया जनबंधन’’ की बैठक में अपनी भागीदारी की पुष्टि की है और इस बात पर जोर दिया कि विपक्षी गुट अपनी विविधता के बावजूद एकजुट है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने अपने-अपने कारणों से इस विशेष बैठक में शामिल होने में असमर्थता जताई है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘23 राजनीतिक दलों ने आठ जून को दोपहर 12 बजे नयी दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होने वाली ‘इंडिया जनबंधन’ की बैठक में भाग लेने की पुष्टि की है।’’
रमेश की पोस्ट को टैग करते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा, “एक साझा उद्देश्य और स्पष्ट इरादे से बैठक हो रही है। ‘इंडिया’ एकजुट है। कई पार्टियां सौहार्द की भावना से इस बैठक के लिए उत्सुक हैं।’’
कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा, “कुछ दलों ने अपने-अपने कारणों से इस विशेष बैठक में शामिल होने में असमर्थता जताई है, लेकिन उन्होंने मोदी सरकार की नीतियों और कार्यों का कड़ा विरोध भी व्यक्त किया है।’’
रमेश ने कहा, “सरकार करोड़ों भारतीयों के मतदान के अधिकार को कमजोर कर रही है, संविधान पर लगातार आघात कर रही है, जांच एजेंसियों के जरिए विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है, करोड़ों लोगों की आजीविका को नुकसान पहुंचा रही है, लगातार बढ़ती महंगाई से परिवारों का बजट बिगाड़ रही है, लाखों युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं को तोड़ रही है, निवेश के माहौल को प्रभावित कर रही है और अपनी विदेश नीति के जरिए राष्ट्रीय हितों से समझौता कर रही है।’’
उन्होंने कहा कि भारत की तरह ही ‘‘इंडिया जनबंधन’’ अपनी विविधता के बावजूद एकजुट है।
‘इंडिया’ गठबंधन 2029 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपनी आगामी रणनीति और भविष्य की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श करने वाला है। बैठक में राष्ट्रीय मुद्दों पर नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को घेरने के लिए साझा रणनीति तैयार करने पर भी चर्चा की जाएगी।
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब गठबंधन के कुछ घटक दलों के बीच संबंधों में तनाव देखा जा रहा है। द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने तमिलनाडु में कांग्रेस पर कथित ‘‘विश्वासघात’’ का आरोप लगाते हुए बैठक से दूरी बनाने का फैसला किया है। वहीं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं द्वारा केरल में वाम दलों पर भाजपा के साथ मिलीभगत का आरोप लगाए जाने पर नाराजगी जताई है।
सूत्रों के अनुसार, माकपा महासचिव एम.ए. बेबी ने हाल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की उन टिप्पणियों पर स्पष्टीकरण मांगा है, जिनमें केरल में वामपंथी दल और भाजपा के बीच राजनीतिक मिलीभगत का जिक्र किया गया था।
यह बैठक हाल में हुए विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में भी हो रही है, जिनमें तृणमूल कांग्रेस को पश्चिम बंगाल और द्रमुक को तमिलनाडु में सत्ता से बाहर होना पड़ा।
खासकर हालिया विधानसभा चुनावों और कई राज्यों में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच इस बैठक को विपक्षी दलों के बीच समन्वय और सहयोग को और मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है,।
आम आदमी पार्टी (आप) ने सार्वजनिक रूप से खुद को इस गठबंधन से अलग कर लिया है, जबकि द्रमुक ने इस सप्ताह बैठक के बहिष्कार का फैसला घोषित किया है।
भाषा आशीष प्रशांत
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