भारत को सिर्फ दुनिया की फार्मेसी नहीं, बल्कि प्रयोगशाला बनाने की भी जरूरत: अनुप्रिया पटेल
भारत को सिर्फ दुनिया की फार्मेसी नहीं, बल्कि प्रयोगशाला बनाने की भी जरूरत: अनुप्रिया पटेल
अहमदाबाद, 22 अगस्त (भाषा) केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने शनिवार को कहा कि भारत को ‘वैश्विक फार्मेसी’ से आगे बढ़कर औषधियों की खोज के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल करके ‘वैश्विक प्रयोगशाला’ बनने की दिशा में काम करना चाहिए।
पटेल ने भारतीय प्रबंधन संस्थान-अहमदाबाद में आयोजित हेल्थकेयर समिट 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि एआई क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने और चिकित्सा विशेषज्ञों की कमी को पूरा करने में मददगार साबित हो सकता है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री ने कहा, ‘देश केवल दुनिया की फार्मेसी कहलाने से संतुष्ट नहीं होने वाला। अब इसका लक्ष्य दुनिया की प्रयोगशाला बनने का है और इसी वजह से एआई जरूरी है।’
उन्होंने कहा, ‘हम नहीं चाहते कि भारतीय औषधि उद्योग केवल उन दवाओं का निर्माण करता रहे, जिनकी खोज दूसरे देशों में हुई है। काफी समय से ऐसा हो रहा है। हमें दुनिया की फार्मेसी कहा गया है। हम दुनिया भर के देशों को जेनेरिक दवाएं और टीके उपलब्ध कराते हैं। हम विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं और भारत की क्षमताओं की सराहना की जा रही है। लेकिन अब हमें इससे आगे बढ़ने की जरूरत है।’
भाषा जोहेब संतोष
संतोष

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