भारत अगले पांच वर्षों में 52 जासूसी उपग्रह प्रक्षेपित करेगा: इन-स्पेस अध्यक्ष
भारत अगले पांच वर्षों में 52 जासूसी उपग्रह प्रक्षेपित करेगा: इन-स्पेस अध्यक्ष
नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) के अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका ने बुधवार को कहा कि भारत अंतरिक्ष आधारित निगरानी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए अगले पांच वर्षों में 52 उपग्रहों का एक समूह कक्षा में स्थापित करेगा।
उन्होंने कहा कि इस कदम से निजी क्षेत्र की मजबूत भागीदारी देखने को मिलेगी।
गोयनका ने यहां वैश्विक अंतरिक्ष अन्वेषण सम्मेलन 2025 के अवसर पर पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा, ‘‘हमारे पास पहले से ही काफी मजबूत क्षमताएं हैं। बस इसमें निरंतर वृद्धि की जरूरत है।’’
उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र की निगरानी क्षमताओं को बढ़ाना है।
गोयनका ने कहा, ‘‘अब तक यह काम मुख्य रूप से इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) द्वारा किया जाता रहा है। आगे बढ़ने के साथ ही हम इसमें निजी क्षेत्र को भी शामिल करेंगे।’’
ये उपग्रह भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना को दुश्मन की गतिविधियों पर नज़र रखने, सीमाओं की निगरानी करने और सैन्य अभियानों के दौरान तात्कालिक समय समन्वय में सुधार करने में मदद करेंगे।
गोयनका ने कहा, ‘‘52 उपग्रहों में से आधे निजी क्षेत्र द्वारा निर्मित किए जाएंगे, जबकि शेष उपग्रहों का निर्माण इसरो द्वारा किया जाएगा।’’
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि निगरानी क्षमताओं को और बढ़ाने के निर्णय केंद्रीय गृह मंत्रालय तथा रक्षा बलों द्वारा लिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इसरो लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) प्रौद्योगिकी को निजी क्षेत्र को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया में भी है।
भाषा नेत्रपाल पवनेश
पवनेश

Facebook



