मैराथन के प्रति जज्बे से युवा महिलाओं के लिए मिसाल बनीं जम्मू की भारतीय वायु सेना की अधिकारी

मैराथन के प्रति जज्बे से युवा महिलाओं के लिए मिसाल बनीं जम्मू की भारतीय वायु सेना की अधिकारी

मैराथन के प्रति जज्बे से युवा महिलाओं के लिए मिसाल बनीं जम्मू की भारतीय वायु सेना की अधिकारी
Modified Date: March 6, 2026 / 08:49 pm IST
Published Date: March 6, 2026 8:49 pm IST

जम्मू, छह मार्च (भाषा) भारतीय वायु सेना की अधिकारी स्क्वाड्रन लीडर नेहा देवी ने मैराथन के प्रति अपने जब्जे से युवा महिलाओं के लिए एक मिसाल कायम की है। एक अधिकारी, एथलीट और मां के रूप में अपनी भूमिकाओं के बीच तालमेल बैठाते हुए मैराथन प्रतियोगिताओं में भाग लिया और शानदार प्रदर्शन किया।

नेहा देवी जुलाई 2013 में जब वायु सेना अकादमी में शामिल हुई थीं तब उनका वजन मानक से लगभग 10 किलो अधिक था।

रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल सुनील बर्तवाल ने बताया, ‘ निरंतर प्रयास और कड़े प्रशिक्षण के दम पर उन्होंने एक साल के भीतर खुद बेहतर बनाया और जून 2014 में भारतीय वायु सेना में नियुक्ति प्राप्त की।’

बर्तवाल ने कहा कि वर्ष 2017 तक नियमित दौड़ और कड़ा प्रशिक्षण उनकी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बन चुके थे।

उन्होंने कहा, “कोविड-19 महामारी के दौरान भी, जब संगठित प्रशिक्षण बाधित हो गया था, तब भी नेहा ने घर पर कसरत कर अपनी फिटनेस बनाए रखी।’

उन्होंने कहा कि 2021 में नेहा देवी ने एयरटेल दिल्ली हॉफ मैराथन (वर्चुअल संस्करण) में भाग लिया और अपने आयु वर्ग में तीसरा स्थान हासिल किया। इसके बाद के आयोजनों में भी वह लगातार शीर्ष स्थान पाने वालों में शामिल रहीं।

उन्होंने 2023 में ‘स्टेशन क्रॉस कंट्री’ (10 किमी) और ‘स्टेशन यूनिटी रन’ (21 किमी) में हिस्सा लिया।

नेहा ने सितंबर 2024 में ‘सी-सेक्शन’ के जरिए एक बेटी को जन्म दिया।

इसके बाद 2025 में उन्होंने ‘वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन’, ‘कश्मीर मैराथन’ और ‘अदाणी मैराथन’ पूरी कीं तथा जनवरी में 100 किमी की अल्ट्रामैराथन 9 घंटे 52 मिनट में पूरी करने के बाद फरवरी 2026 में भारतीय नौसेना हाफ मैराथन में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

नेहा ने अपने संदेश में विश्वास और निरंतरता पर जोर देते हुए कहा, ‘मातृत्व क्षमताओं को सीमित नहीं करता, बल्कि उन्हें कई गुना बढ़ा देता है।’

भाषा प्रचेता पवनेश

पवनेश


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