नई दिल्ली: कोरोना संकट के दौरान पूरी मुस्तेदी से अपनी ड्यूटी करे डॉक्टरों पर हमले की लगातार सामने आ रही है। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर हुए हमले को लेकर आईएमए ने नाराजगी जाहिर करते हूए चेतावनी दी है। साथ ही आईएमए ने रक्षित कार्यस्थल उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।
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दरअसल आईएमए ने सोवार को पत्र जारी कर कहा है कि हमें सुरक्षित कार्यस्थल उपलब्ध कराए जाएं। अपशब्द और हिंसा तुरंत बंद होनी चाहिए। सभी डॉक्टर और अस्पताल इसके विरोध में 22 अप्रैल की रात 9 बजे एक मोमबत्ती जलाएंगे, जो ‘व्हाइट अलर्ट टू द नेशन’ होगा।
यदि सरकार व्हाइट अलर्ट के बाद भी डॉक्टरों और अस्पतालों के खिलाफ हिंसा पर केंद्रीय कानून लागू करने में विफल रहती है, तो आईएमए 23 अप्रैल को काला दिवस घोषित करेगा। देश के सभी डॉक्टर काली पट्टी बांधकर काम करेंगे।
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