Sonam Wangchuk On Dharmendra Pradhan Resignation: ‘यह लोकतंत्र की जीत है’, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनम वांगचुक का रिएक्शन, CJP और देश की Gen Z को लेकर क्या बोले?

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Sonam Wangchuk On Dharmendra Pradhan Resignation: 'यह लोकतंत्र की जीत है', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनम वांगचुक का रिएक्शन, CJP और देश की Gen Z को लेकर क्या बोले

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  • Publish Date - July 25, 2026 / 06:22 PM IST,
    Updated On - July 25, 2026 / 06:27 PM IST

Sonam Wangchuk On Dharmendra Pradhan Resignation: Sonam Wangchuk On Dharmendra Pradhan Resignation: 'यह लोकतंत्र की जीत है', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनम वांगचुक का रिएक्शन, CJP और देश की Gen Z को लेकर क्या बोले /image: Social Media

HIGHLIGHTS
  • धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनम वांगचुक की पहली प्रतिक्रिया सामने आई
  • वांगचुक ने इसे "लोकतंत्र की जीत" बताते हुए CJP और Gen Z को बधाई दी
  • सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत पर जोर दिया

नई दिल्ली। Sonam Wangchuk On Dharmendra Pradhan Resignation: नीट पेपर लीक मामले में आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद इसे कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) की बड़ी जीत मानी जा रही है। इस संबंध में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर ट्वीट कर इस्तीफे की जानकारी दी। वहीं, इस मामले में अब 26 दिन से अनशन करने सोनम वांगचुक की प्रतिक्रिया सामने आई है।

यह लोकतंत्र की जीत है

सोनम ( Sonam Wangchuk On Dharmendra Pradhan Resignation) ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शर के लिखा है कि, यह लोकतंत्र की जीत है। सीधा लोकतंत्र… जो सड़कों से निकला है। यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है। CJP और देश की ‘जेन ज़ेड’ (Gen Z) को बधाई; और उन सभी नागरिकों का धन्यवाद जिन्होंने डर और डर के डर को त्यागकर देश के हर कोने से आवाज़ उठाई। जवाबदेही से अब सुधार की ओर…

अपने इस्तीफा पत्र में प्रधान ने क्या कहा?

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि “मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है। मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूँ। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के  राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं। किंतु 3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया एवं पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई। इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-based-test) मोड में करने का निर्णय लिया गया।

पहले ही दिन से मैंने जिम्मेदारी ली: धर्मेंद्र प्रधान

उन्होंने आगे लिखा कि इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए whole of government approach के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही, छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई। पहले ही दिन से, इसपर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली। परंतु इस दौरान भी कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ।

Dharmendra Pradhan Resignation  News बता दें कि परीक्षा में पेपर लीक की घटनाओं पर सख्ती बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया था। पेपर लीक संशोधन विधेयक (Paper Leak Amendment Bill) को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल गई थी। पेपर लीक विवाद और छात्रों के जारी आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट (Modi Cabinet) से मंजूरी दी गई। अब इस बिल को अगले सप्ताह संसद में पेश किए जाने की संभावना है।

अखबार

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनम वांगचुक ने क्या कहा?

उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में इसे "लोकतंत्र की जीत" बताया और कहा कि यह शांति, धैर्य और जनभागीदारी की जीत है।

सोनम वांगचुक ने किसे बधाई दी?

उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), देश की Gen Z और आंदोलन का समर्थन करने वाले सभी नागरिकों को बधाई दी।

सोनम वांगचुक कितने दिनों से अनशन पर थे?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह 26 दिनों से अनशन कर रहे थे।

सोनम वांगचुक ने अपने पोस्ट में क्या संदेश दिया?

उन्होंने कहा कि अब जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में आगे बढ़ने का समय है।

धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे की जानकारी कैसे दी?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने अपने आधिकारिक X (पूर्व में Twitter) अकाउंट के माध्यम से इस्तीफे की जानकारी साझा की।