संवाद और कूटनीति से समाधान पर भारत का जोर: विदेश मंत्रालय
संवाद और कूटनीति से समाधान पर भारत का जोर: विदेश मंत्रालय
नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दुनिया के कई नेताओं के साथ बातचीत में लगे हुए हैं और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी अपने समकक्षों से बातचीत कर रहे हैं। मंत्रालय ने कहा कि भारत इस बात पर जोर देता है कि शांति केवल संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही बहाल हो सकती है।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यह भी कहा कि भारत ‘‘जारी संघर्ष में हो रहे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहा है।’’
विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (खाड़ी क्षेत्र) असीम आर महाजन ने कहा कि इस क्षेत्र में रहने वाले बड़े भारतीय समुदाय की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना ‘‘हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता’’ है।
महाजन ने कहा, ‘‘कुल मिलाकर, उड़ानों की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है और इस क्षेत्र से अतिरिक्त उड़ानें संचालित हो रही हैं। 28 फरवरी से अब तक लगभग 4,02,000 यात्री इस क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं।’’
उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते भारत आने में सहायता प्रदान करना जारी रखे हुए है।
महाजन ने कहा, ‘‘हम जॉर्डन के रास्ते इजराइल से भारतीय नागरिकों की यात्रा को भी सुगम बना रहे हैं। कुवैत, बहरीन और इराक से उड़ानों पर लगे प्रतिबंधों को देखते हुए, हम सऊदी अरब के रास्ते भारतीय नागरिकों की यात्रा को सुगम बनाना जारी रखे हुए हैं।’’
जायसवाल ने इस बात पर भी जोर दिया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष में हो रहे घटनाक्रम पर भारत लगातार नजर रख रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कई विश्व नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। विदेश मंत्री भी खाड़ी क्षेत्र, ईरान, इजराइल और यूरोप के देशों में अपने समकक्षों से संपर्क में हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘इन वार्ताओं में भारत का रुख यह है कि शांति केवल संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही बहाल की जा सकती है…हम इस बात पर जोर दे रहे हैं।’’
जयशंकर ने सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भी बात की।
जयसवाल ने पत्रकारों को बताया, ‘‘दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव पर चर्चा की, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर विशेष ध्यान दिया गया।’’
विदेश मंत्री ने श्रीलंका के अपने समकक्ष विजिथा हेरथ से भी बात की और संघर्ष के परिणामों पर चर्चा की। इसके अलावा, जयशंकर ने सोमवार को दिल्ली में खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के सदस्य देशों के राजदूतों से मुलाकात की।
महाजन ने कहा कि विदेश मंत्रालय का विशेष नियंत्रण कक्ष भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की सहायता और समर्थन के लिए कार्यरत है।
भाषा आशीष दिलीप
दिलीप

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