नेपाल चुनावों से पहले कैलाली में भारत-नेपाल सीमा समन्वय बैठक हुई

नेपाल चुनावों से पहले कैलाली में भारत-नेपाल सीमा समन्वय बैठक हुई

नेपाल चुनावों से पहले कैलाली में भारत-नेपाल सीमा समन्वय बैठक हुई
Modified Date: January 9, 2026 / 11:40 am IST
Published Date: January 9, 2026 11:40 am IST

लखीमपुर खीरी (उप्र), नौ जनवरी (भाषा) नेपाल में आगामी आम चुनावों को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा पर शांति, सुरक्षा और प्रशासनिक समन्वय सुनिश्चित करने के लिए नेपाल के कैलाली जिले में भारत-नेपाल सीमा जिला समन्वय समिति की बैठक हुई। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी ।

लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट दुर्गा शक्ति नागपाल, अपर जिला मजिस्ट्रेट नरेंद्र बहादुर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक पवन गौतम, पलिया और निघासन तहसीलों के उप जिलाधिकारी और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को हुई बैठक में भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व किया।

खीरी की जिलाधिकारी ने कैलाली और कंचनपुर जिलों के मुख्य जिला अधिकारियों (सीडीओ) को नेपाल चुनावों के दौरान खीरी जिला प्रशासन की ओर से पूरे सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंधों को याद किया और कहा कि चुनावों को सुचारू रूप से कराने के लिए जिला प्रशासन, एसएसबी और पुलिस द्वारा सभी आवश्यक सहायता दी जाएगी।

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अपर जिला मजिस्ट्रेट नरेंद्र बहादुर सिंह ने चुनाव अवधि के दौरान सीमा पर कड़ी निगरानी, रियल-टाइम सूचना साझा करने और बिना किसी रुकावट के आपातकालीन सेवाओं का आश्वासन दिया।

अपर पुलिस अधीक्षक पवन गौतम ने कहा कि नियमित गश्त पहले से ही जारी है और उन्होंने नेपाल की ओर से मिलने वाली किसी भी जानकारी पर तुरंत कार्रवाई का आश्वासन दिया।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि बैठक के दौरान मादक पदार्थ की तस्करी, सीमा पार अपराधों की रोकथाम और प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

इससे पहले, कैलाली और कंचनपुर के सीडीओ, हीरा लाल रेगमी और मदन कोइराला ने, क्रमशः वरिष्ठ पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के अधिकारियों के साथ, दोनों देशों के बीच पारंपरिक रूप से मजबूत संबंधों पर प्रकाश डाला और नेपाल चुनावों के मद्देनजर भारतीय अधिकारियों से सहयोग मांगा।

नेपाल में पिछले सितंबर में विरोध प्रदर्शन हुए थे। अब हिमालयी देश में पांच मार्च को आम चुनाव होने हैं।

भाषा सं जफर

मनीषा

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