कारगिल युद्ध के समय से घुसपैठियों की मंशा नहीं बदली: राजनाथ

कारगिल युद्ध के समय से घुसपैठियों की मंशा नहीं बदली: राजनाथ

कारगिल युद्ध के समय से घुसपैठियों की मंशा नहीं बदली: राजनाथ
Modified Date: July 26, 2026 / 09:31 am IST
Published Date: July 26, 2026 9:31 am IST

(कुणाल दत्त)

द्रास, 26 जुलाई (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि 1999 के कारगिल युद्ध के समय ‘‘घुसपैठियों की मंशा’’ जो थी, उसमें आज भी कोई बदलाव नहीं आया है और भारतीय सेना हर तरह की चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए ‘‘पूरी तरह’’ तैयार है।

रक्षा मंत्री ने शनिवार को द्रास में आयोजित ‘शौर्य भोज’ के दौरान सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया है।

उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं कि सेना के पास अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध हों और उसे सर्वोत्तम प्रशिक्षण मिले।

राजनाथ सिंह कारगिल विजय दिवस की वर्षगांठ पर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत शनिवार शाम कारगिल समर स्मारक में आयोजित ‘शौर्य संध्या’ में भाग लेने द्रास पहुंचे।

कारगिल विजय दिवस 26 जुलाई 1999 को ‘ऑपरेशन विजय’ के सफल समापन की स्मृति में मनाया जाता है। यह अभियान भारतीय सेना ने कारगिल जिले में पाकिस्तानी सैनिकों के कब्जे वाले भारतीय क्षेत्रों को मुक्त कराने के लिए चलाया था।

रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान का परोक्ष रूप से उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘हमें यह याद रखना होगा कि आज भी चुनौतियां कम नहीं हुई हैं। घुसपैठियों की मंशा नहीं बदली है और आज भी वे परोक्ष युद्ध या घुसपैठ जैसे हथकंडों का सहारा लेते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा विश्वास है कि हमारी सेना ऐसी किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।’’

रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘‘यह हमारी सदी है, आने वाला समय हमारा है’’ और ‘‘मुझे विश्वास है कि भारतीय सशस्त्र बल दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बनेंगे।’’

उन्होंने अपने संबोधन में सशस्त्र बलों और सैनिकों की वीरता को नमन किया।

उन्होंने कहा, ‘‘आज हम स्वतंत्र वातावरण में सांस ले रहे हैं और गर्व के साथ सिर ऊंचा करके जी रहे हैं, क्योंकि कारगिल में हमारे सैनिकों ने प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के बावजूद अपने हौसले को कमजोर नहीं पड़ने दिया।’’

रक्षा मंत्री ने कहा कि इस अवसर पर द्रास में उपस्थित होकर वह जिस गर्व का अनुभव कर रहे हैं, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि जब तक भारतीय सैनिकों के पास अदृश्य आंतरिक शक्ति और राष्ट्रभक्ति की भावना है, ‘‘दुनिया की कोई भी ताकत भारत पर बुरी नजर डालने का साहस नहीं कर सकेगी।’’

भाषा

खारी सिम्मी

सिम्मी


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