जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए अंतर-राज्यीय और वैश्विक सहयोग बढ़ाना जरूरी: माझी

जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए अंतर-राज्यीय और वैश्विक सहयोग बढ़ाना जरूरी: माझी

जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए अंतर-राज्यीय और वैश्विक सहयोग बढ़ाना जरूरी: माझी
Modified Date: June 4, 2026 / 03:08 pm IST
Published Date: June 4, 2026 3:08 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

पुरी, चार जून (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए अंतर-राज्यीय और वैश्विक सहयोग बढ़ाने का बृहस्पतिवार को आह्वान किया।

माझी पुरी में ब्रिक्स आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्य समूह (डीआरआरजी) की तकनीकी बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे, जिसमें उन्होंने आपदा से निपटने की क्षमता बढ़ाने, जलवायु अनुकूलन और सतत विकास के प्रति ओडिशा की प्रतिबद्धता दोहराई।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की ओर से आयोजित तीन दिवसीय बैठक में ब्रिक्स समूह के 11 सदस्य देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।

माझी ने बैठक को वैश्विक आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताया।

उन्होंने कहा कि बैठक का विषय ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ है, जो अधिक सहयोग के जरिये जीवन, आजीविका और भावी पीढ़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अंतरराष्ट्रीय समुदाय की तत्काल प्राथमिकताओं पर प्रकाश डालता है।

माझी ने कहा, “आपदा जोखिम न्यूनीकरण अब केवल क्षेत्रीय चिंता का विषय भर नहीं है, बल्कि सतत विकास, आर्थिक स्थिरता और मानव सुरक्षा सुनिश्चित करने की आधारशिला भी है।”

उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, तीव्र शहरीकरण और पर्यावरणीय क्षरण से दुनियाभर में आपदाओं की आवृत्ति और तीव्रता दोनों बढ़ रही है, जिससे निपटने के लिए मजबूत तैयारी और समन्वित कार्रवाई की जरूरत है।

माझी ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण, जलवायु अनुकूलन, लचीला बुनियादी ढांचा और क्षमता निर्माण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देने में ब्रिक्स मंच के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने प्रतिभागी देशों और विशेषज्ञों से आग्रह किया कि वे केवल चर्चाओं तक सीमित न रहें, बल्कि विचार-विमर्श को ठोस साझेदारी और कार्रवाई योग्य परिणामों में बदलें, जिससे दुनियाभर की संवेदनशील आबादी को लाभ हो।

ब्रिक्स मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के बीच अंतर-सरकारी विचार-विमर्श और सहयोग के लिए 2009 में गठित अहम समूह था। 2024 में समूह का विस्तार करते हुए इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को शामिल किया गया। 2025 में इंडोनेशिया भी ब्रिक्स का सदस्य बन गया।

भाषा पारुल मनीषा

मनीषा


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