जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ कार्रवाई पर अंतरिम रोक विद्यार्थियों की जीत: अजय राय

जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ कार्रवाई पर अंतरिम रोक विद्यार्थियों की जीत: अजय राय

जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ कार्रवाई पर अंतरिम रोक विद्यार्थियों की जीत: अजय राय
Modified Date: July 28, 2026 / 03:45 pm IST
Published Date: July 28, 2026 3:45 pm IST

रामपुर, 28 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर बुलडोजर चलाने के रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के आदेश पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद विद्यार्थियों का करीब 12 दिन से जारी धरना-प्रदर्शन मंगलवार को समाप्त हो गया।

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय, मुरादाबाद मंडल आयुक्त आंजनेय कुमार सिंह की अदालत द्वारा सोमवार को विश्वविद्यालय पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद सोमवार देर शाम जौहर विश्वविद्यालय पहुंचे।

उन्होंने छात्रों को मिठाई खिलाकर इस ‘जीत’ की बधाई दी।

रामपुर विकास प्राधिकरण ने 15 जुलाई को जौहर विश्वविद्यालय की 40 में से 38 इमारतों को बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्मित बताते हुए उन्हें गिराने का आदेश जारी किया था।

इस फैसले के विरोध में विश्वविद्यालय के छात्रों ने धरना-प्रदर्शन शुरू किया था, जो मंगलवार को समाप्त हो गया।

धरना-प्रदर्शन में शामिल छात्र कलीम तुर्क ने कहा कि मंडल आयुक्त द्वारा विश्वविद्यालय पर बुलडोजर की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाए जाने के फैसले से सभी छात्र-छात्राएं खुश हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि यह अंतरिम रोक है। बेहतर होता कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर पूरी तरह रोक लगा दी जाती, ताकि सभी छात्र-छात्राएं निश्चिंत होकर अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।’’

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और पार्टी के प्रांतीय प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम मंडल आयुक्त की अदालत के फैसले के बाद सोमवार रात रामपुर पहुंचे। उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं से मुलाकात की और उन्हें मिठाई खिलाकर इस ‘जीत’ की बधाई दी।

राय ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि विश्वविद्यालय पर बुलडोजर की कार्रवाई पर रोक लगाया जाना छात्र-छात्राओं की जीत है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के बाद हुए घटनाक्रम से देशभर के छात्र और युवा उत्साहित हैं तथा सरकार घबराई हुई है।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण पर रोक लगाया जाना भी इसी घबराहट का परिणाम है।

राय ने बताया कि उन्होंने जौहर विश्वविद्यालय के संस्थापक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की पत्नी तजीन फातिमा से भी मुलाकात की और विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न मामलों पर चर्चा की।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार की आजम खान से दुश्मनी की सजा किसी विश्वविद्यालय को नहीं दी जानी चाहिए।’’

राय ने कहा कि कोई भी विश्वविद्यालय या शिक्षण संस्थान शिक्षा का मंदिर होता है और सभ्य समाज में ऐसे संस्थानों को निशाना बनाया जाना स्वीकार्य नहीं है।

मुरादाबाद मंडल आयुक्त की अदालत ने सोमवार को रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी थी।

मंडल आयुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि मुरादाबाद के एक अधिवक्ता के निधन के कारण मंगलवार को शोकसभा के चलते सुनवाई नहीं हो सकी।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के वकील द्वारा प्रस्तुत आवेदन स्वीकार करते हुए अगले आदेश तक परिसर में किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है।

रामपुर विकास प्राधिकरण ने 15 जुलाई को मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर में बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27(1) के तहत ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था।

आदेश में विश्वविद्यालय परिसर के 40 में से 38 भवनों को अवैध बताते हुए उन्हें गिराने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई थी।

इस आदेश के बाद विश्वविद्यालय परिसर के मुख्य द्वार पर छात्रों ने लगातार धरना शुरू कर दिया था।

समाजवादी पार्टी समेत विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी ध्वस्तीकरण के विरोध में प्रदर्शन किए थे।

भाषा सलीम जितेंद्र

जितेंद्र


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