रत्न भंडार में रखे सामान की सूची तैयार करने का काम मार्च में शुरू होने की संभावना : मंत्री
रत्न भंडार में रखे सामान की सूची तैयार करने का काम मार्च में शुरू होने की संभावना : मंत्री
भुवनेश्वर, 25 फरवरी (भाषा) ओडिशा सरकार में मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने बुधवार को कहा कि पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार में रखे कीमती सामानों और आभूषणों की सूची बनाने का काम मार्च के पहले सप्ताह में शुरू होने की संभावना है।
मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने घोषणा की कि राज्य सरकार ने रत्न भंडार की सूची तैयार करने के इस कार्य के लिए 14 पृष्ठों की मानक संचालन प्रक्रिया को पहले ही मंजूरी दे दी है।
रत्न भंडार की आखिरी सूची 46 साल पहले 1978 में तैयार की गई थी।
हरिचंदन ने यहां संवाददाताओं को बताया कि पुरी के गजपति महाराजा दिब्यसिंह देब की अध्यक्षता वाली श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति (एसजेटीएमसी) और एसजेटीए पूरी सूची तैयार करने की प्रक्रिया की देखरेख करेंगे।
ओडिशा के कानून मंत्री हरिचंदन ने कहा, ‘‘रत्न भंडार में रखे सामान की सूची तैयार करने की प्रक्रिया मार्च के पहले सप्ताह में शुरू होने की संभावना है। यह प्रक्रिया शुरू करने का अंतिम निर्णय एसजेटीएमसी द्वारा लिया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देवी-देवताओं की दैनिक नीति और दर्शन में कोई बाधा न आए।’’
पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर के अंदर रत्न भंडार (खजाना) के दो कक्ष हैं – ‘बाहरी रत्न भंडार’ (बाहरी कक्ष) और ‘भीतरी रत्न भंडार’ (आंतरिक कक्ष)। इस रत्न भंडार में भगवान जगन्नाथ की बहुमूल्य वस्तुएं और आभूषण सदियों से संरक्षित रखे गए हैं।
उड़ीसा उच्च न्यायालय ने 27 जनवरी को राज्य सरकार को तीन महीने के भीतर रत्न भंडार की सूची तैयार करने और उसके सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया था।
अदालत ने राज्य सरकार को यह भी आदेश दिया कि वह रत्न भंडार की गुम हुई चाबियों के संबंध में न्यायिक आयोग की रिपोर्ट को ओडिशा विधानसभा के मौजूदा सत्र में पेश करे।
सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने रत्न भंडार की सूची तैयार करने के कार्य के लिए बजट में पांच करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
भाषा रवि कांत रवि कांत रंजन
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