ईरान ने अभी तक नये सर्वोच्च नेता का चुनाव नहीं किया है: हकीम इलाही

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ईरान ने अभी तक नये सर्वोच्च नेता का चुनाव नहीं किया है: हकीम इलाही

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  • Publish Date - March 5, 2026 / 06:37 PM IST,
    Updated On - March 5, 2026 / 06:37 PM IST

नयी दिल्ली, पांच मार्च (भाषा) ईरान ने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के उत्तराधिकारी का चुनाव अभी तक नहीं किया है।

खामेनेई की पिछले सप्ताह अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में मौत हो गई थी।

भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि, अयातुल्ला डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि नये नेता के चुनाव की प्रक्रिया अभी भी जारी है।

जब उनसे मीडिया की उन खबरों के बारे में पूछा गया जिनमें दावा किया गया है कि अयातुल्ला खामेनेई के बेटे, मोजतबा खामेनेई को उनका उत्तराधिकारी चुना गया है, तो हकीम इलाही ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘यह खबर सच नहीं है क्योंकि अभी तक उसने (परिषद ने) किसी को भी चुना या नामांकित नहीं किया है और प्रक्रिया अभी जारी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस पद के लिए कई उम्मीदवार हैं और अयातुल्ला मोजतबा उनमें से एक हैं। इसका कारण यह नहीं है कि वह अयातुल्ला खामेनेई के पुत्र हैं। दरअसल, उनकी योग्यताओं के कारण उन्हें चुनने पर विचार किया जा सकता है। लेकिन अभी यह अंतिम निर्णय नहीं हुआ है और इस पद के लिए योग्य व्यक्ति का चयन करने के लिए अभी भी चर्चा जारी है।’’

ईरान के सर्वोच्च नेता के चुनाव की प्रक्रिया को समझाते हुए हकीम इलाही ने कहा कि ईरान में चुनाव के दौरान 88 सदस्यीय विशेषज्ञ परिषद का चुनाव मतदान द्वारा किया जाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘इस परिषद की जिम्मेदारियों में से एक सर्वोच्च नेता का चयन करना है। अब उन्होंने इस पद के लिए एक योग्य व्यक्ति को नियुक्त करने के लिए वार्ता शुरू कर दी है।’’

हकीम इलाही ने कहा, ‘‘उन्होंने (परिषद के सदस्यों ने) काफी चर्चा की, लेकिन स्थिति अच्छी नहीं है क्योंकि हम अमेरिका और इजराइल के हमलों का सामना कर रहे हैं। इसलिए जब उन्हें अनुकूल माहौल मिलेगा और वे एकत्र होंगे, तो वे इस पद के लिए योग्य व्यक्ति का चयन करेंगे।’’

ईरान के सर्वोच्च नेता का नीतिगत मामलों में अंतिम निर्णय होता है। वह सशस्त्र बलों के ‘कमांडर-इन-चीफ’ भी होते हैं।

जब हकीम इलाही से पूछा गया कि क्या इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज द्वारा नये सर्वोच्च नेता को निशाना बनाने की धमकी के मद्देनजर ईरान सार्वजनिक रूप से उनका नाम लेने का जोखिम उठाने को तैयार है, तो उन्होंने कहा, ‘‘ईरान अपनी रक्षा करने के लिए तैयार है।’’

इजराइल और अमेरिका ने कोम शहर में हाल में विशेषज्ञों की सभा की इमारत को निशाना बनाकर हमले किये थे।

स्थानीय मीडिया द्वारा प्रसारित टीवी फुटेज में हमलों में इमारत को बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाया गया। बाद में ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि इमारत का इस्तेमाल अब बैठकों के लिए नहीं किया जा रहा है।

खामेनेई को याद करते हुए हकीम इलाही ने कहा, ‘‘वह (खामेनेई) लोगों से भारत के बारे में अध्ययन करने के लिए कहते थे। ‘यदि आप ईरान का इतिहास जानना चाहते हैं, तो आप भारत के इतिहास को समझे और उसका अध्ययन किए बिना इसे नहीं समझ सकते’।’’

खामेनेई (86) वर्ष 1989 में ईरान के सर्वोच्च नेता बने थे और 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों में उनकी मौत हो गई थी।

भाषा

देवेंद्र माधव

माधव