सब ठीक है? लोकसभा में राहुल के भाषण के दौरान चन्नी की गैर-मौजूदगी चर्चा का विषय बनी

सब ठीक है? लोकसभा में राहुल के भाषण के दौरान चन्नी की गैर-मौजूदगी चर्चा का विषय बनी

सब ठीक है? लोकसभा में राहुल के भाषण के दौरान चन्नी की गैर-मौजूदगी चर्चा का विषय बनी
Modified Date: July 30, 2026 / 05:53 pm IST
Published Date: July 30, 2026 5:53 pm IST

चंडीगढ़, 30 जुलाई (भाषा) लोकसभा में बुधवार को चर्चा के दौरान जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी बोल रहे थे तो जालंधर से कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी वहां मौजूद नहीं थे। इससे पार्टी की राज्य इकाई में हालिया मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।

संसद के बजाय पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बुधवार को फरीदकोट में एक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। यह प्रदर्शन हाल ही में हुई फार्मेसी अधिकारियों की भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक के मुद्दे पर राज्य के स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे की मांग को लेकर किया गया था।

गौरतलब है कि 16 जुलाई को दिल्ली में कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल से मुलाकात के बाद चन्नी ने कहा था कि ‘सब ठीक है’।

उन्होंने जोर देकर कहा था कि वह और उनके खेमे के नेता पार्टी आलाकमान के किसी भी फैसले को मानेंगे।

जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026’ पर बहस में हिस्सा लिया, तो पंजाब के सात कांग्रेस सांसदों में से चन्नी ही एकमात्र ऐसे सांसद थे जो अनुपस्थित थे।

पता चला है कि अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने राज्य के सांसदों को संदेश भी भेजा था कि वे बुधवार को दोपहर 12 बजे के बाद सदन में मौजूद रहें।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब हाल ही में कांग्रेस की पंजाब इकाई में आंतरिक मतभेद देखने को मिला है।

यह अंदरुनी कलह तब शुरू हुई जब कांग्रेस ने अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पंजाब इकाई का अध्यक्ष बनाए रखने का फैसला किया, जबकि चन्नी को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

अगले साल की शुरुआत में पंजाब में चुनाव होने हैं, ऐसे में चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा के नेतृत्व में नेताओं के एक गुट ने इस कदम का विरोध किया और वडिंग को पंजाब कांग्रेस प्रमुख के पद से हटाने की मांग की।

चन्नी से बृहस्पतिवार को संपर्क नहीं हो सका। हालांकि पता चला है कि जब संसद में राहुल गांधी भाषण दे रहे थे, तब चन्नी बुधवार को फार्मा परीक्षा में कथित पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल थे।

हाल ही में फार्मेसी अधिकारियों की भर्ती परीक्षा में नकल गिरोह की संलिप्तता का पता चलने के बाद विपक्षी पार्टियां पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार पर दबाव बना रही हैं और आरोप लगा रही हैं कि पिछले साढ़े चार सालों में कई परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं।

वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान अपनी बात पर अड़े हुए हैं और दावा कर रहे हैं कि ‘आप’ के कार्यकाल के दौरान राज्य में एक भी परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ।

पंजाब कांग्रेस में असंतोष के स्वर तेज होने के बाद पार्टी के राज्य प्रभारी भूपेश बघेल ने हाल ही में पंजाब के अपने छह दिन के दौरे के दौरान राज्य के नेताओं से मुलाकात की।

बघेल बृहस्पतिवार से पंजाब का एक और 10 दिन का दौरा करने वाले हैं, क्योंकि कांग्रेस अगले साल होने वाले राज्य चुनावों की तैयारी कर रही है।

कांग्रेस ने एक जुलाई को चन्नी को अपनी चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया, जबकि रंधावा को कोर कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया।

भाषा संतोष पवनेश

पवनेश


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