लद्दाख में अंतरिक्ष यात्रियों की मानसिक, शारीरिक क्षमताओं का अध्ययन करने के लिए इसरो का मिशन शुरू

लद्दाख में अंतरिक्ष यात्रियों की मानसिक, शारीरिक क्षमताओं का अध्ययन करने के लिए इसरो का मिशन शुरू

लद्दाख में अंतरिक्ष यात्रियों की मानसिक, शारीरिक क्षमताओं का अध्ययन करने के लिए इसरो का मिशन शुरू
Modified Date: April 4, 2026 / 07:11 pm IST
Published Date: April 4, 2026 7:11 pm IST

नयी दिल्ली, चार अप्रैल (भाषा) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने लद्दाख में एक मिशन शुरू करने की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य ऊंचाई वाले वातावरण में काम करने वाले अंतरिक्ष यात्रियों (गगनयात्रियों) और जमीनी टीमों पर पड़ने वाले शारीरिक, मानसिक और अभियान संबंधी गतिशीलता का अध्ययन करना है।

क्रू (गगनयात्रियों) के प्रदर्शन और मानवीय कारकों पर प्राप्त वैज्ञानिक आंकड़े गगनयान कार्यक्रम और भविष्य के दीर्घकालिक अभियानों में सीधे तौर पर योगदान देंगे।

‘मिशन मित्रा’ (मैपिंग ऑफ इंटरऑपरेबल ट्रेट्स एंड रिस्पांस असेसमेंट)

नामक यह अध्ययन नौ अप्रैल तक लेह में लगभग 3,500 मीटर की ऊंचाई पर किया जाएगा। इसमें वातावरण परिस्थितियां होंगी जहां ऑक्सीजन की कमी (हाइपोक्सिया) हो, कम तापमान हो-जो अंतरिक्ष मिशन के लिए समानांतर स्थिति होती है।

इसरो ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, ‘‘इस अध्ययन का उद्देश्य यह समझ हासिल करना है कि क्रू (गगनयात्री) और जमीनी नियंत्रण टीम के बीच टीमवर्क कितना प्रभावी है, और पर्यावरणीय एवं अभियान संबंधी दबाव के तहत निर्णय लेने की क्षमता कितनी कारगर है।’’

इस मिशन को इसरो और आईएएफ-इंस्टिट्यूट ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन ने तैयार किया है और बेंगलुरु आधारित स्टार्ट-अप ‘प्रोटोप्लेनेट’ सुविधा प्रबंधन एवं वैधानिक प्रोटोकॉल के लिए जिम्मेदार है।

बयान में कहा गया, ‘‘क्रू की सुरक्षा और उनके प्रदर्शन की गुणवत्ता सभी मानव अंतरिक्ष अभियानों में सबसे महत्वपूर्ण कारक होते हैं। क्रू की प्रभावी संचार क्षमता, तनाव के अनुकूल ढलने, मानसिक मजबूती बनाए रखने और एक-दूसरे का समर्थन करने की क्षमता किसी भी मिशन की सफलता और सुरक्षा तय करती है।’’

भाषा

देवेंद्र नेत्रपाल

नेत्रपाल


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