बच्चों के खिलाफ मामलों में अपराधियों को सख्त संदेश देना जरूरी : भाजपा सांसदों ने रास में कहा

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बच्चों के खिलाफ मामलों में अपराधियों को सख्त संदेश देना जरूरी : भाजपा सांसदों ने रास में कहा

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  • Publish Date - March 13, 2026 / 06:36 PM IST,
    Updated On - March 13, 2026 / 06:36 PM IST

नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) राज्यसभा में शुक्रवार को भाजपा सदस्यों ने जोर दिया कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों से सख्ती से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने कानून में प्रभावी संशोधन किए हैं और जघन्य अपराधों के लिए मृत्युदंड तक का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि अपराधियों को यह संदेश देना जरूरी है कि वे अपराध करने के बाद बच नहीं सकते और उन्हें तुरंत सख्त सजा दी जाएगी। इसके लिए सरकार ने देश भर में विशेष अदालतों का गठन किया है ताकि मामलों में त्वरित सुनवाई के साथ ही अपराधियों को सख्त सजा मिल सके, साथ ही पीड़ितों को न्याय एवं मुआवजा सुनिश्चित हो सके।

उच्च सदन में विभिन्न दलों के सदस्यों ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) की फौजिया खान के निजी विधेयक ‘लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण (संशोधन) विधेयक’ पर चर्चा के दौरान भाजपा सदस्यों ने यह बात कही।

भाजपा सदस्य घनश्याम तिवाड़ी ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि ऐसे अपराधों से निपटने के लिए सरकार ने 2019 में कानून में व्यापक बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने 1000 से ज्यादा त्वरित अदालतों का गठन किया है और वहां डिजिटल ढांचा भी तैयार किया गया है ताकि मामलों में जल्दी फैसला हो सके।

भाजपा सदस्य ने कहा कि अब कानूनी प्रक्रिया को बाल केंद्रित बनाया गया है और यह कानून बच्चों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि फौजिया खान ने अपने विधेयक में जो मांग की है, वे पहले से ही कानून में मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि अपराधों को रोकने के लिए यह संदेश देना भी जरूरी है कि अपराधियों को तुरंत सजा मिलेगी। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसे मामले सामने नहीं आ पाते हैं और सरकार ने ऐसे मामलों को सामने लाने के लिए ‘‘चुप्पी तोड़ो’’ अभियान भी चलाया और पीड़ितों को संदेश दिया कि ‘‘डरो मत’’, अपराधियों को सजा दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि डिजिटल युग भी समस्या एक प्रमुख कारण है और ऑनलाइन शोषण के कई मामले सामने आते हैं।

भाजपा के ही रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि सिर्फ कानून बनाने से अपराध नहीं रोका जा सकता। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधों पर काबू पाने के लिए शिक्षा और संस्कार की भी अहम भूमिका है।

उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति से निपटने के लिए गंभीर है और इस संबंध में एक तंत्र की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों में मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि मृत्युदंड से बड़ा कोई दंड नहीं हो सकता।

जांगड़ा ने कहा कि कई बार अवैध संबंधों को वैध बनाने के लिए धार्मिक कानून का दुरुपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति से बचने के लिए देश में समान नागरिक संहिता लागू की जानी चाहिए।

आम आदमी पार्टी (आप) सदस्य राघव चड्ढा ने माहवारी स्वच्छता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि समाज में इसे वर्जित विषय बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस वजह से लड़कियां स्कूल तक छोड़ देती हैं। उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए जागरूकता और शिक्षा के प्रसार पर जोर दिया।

फौजिया खान के निजी विधेयक पर चर्चा अधूरी रही।

भाषा अविनाश माधव

माधव