Motion Against CEC India: देश में पहली बार ‘मुख्य निर्वाचन आयुक्त’ के खिलाफ संसद में प्रस्ताव.. जानें CEC को पद से हटाने कितने सांसदों की जरूरत..

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Motion Against the CEC Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए विपक्ष के 193 सांसदों ने संसद में प्रस्ताव का नोटिस दिया।

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  • Publish Date - March 13, 2026 / 06:23 PM IST,
    Updated On - March 13, 2026 / 06:24 PM IST

Motion Against CEC Gyanesh Kumar || IMAGE- Twitter File

HIGHLIGHTS
  • CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव की तैयारी
  • विपक्ष के 193 सांसदों ने नोटिस पर किए हस्ताक्षर
  • पहली बार मुख्य चुनाव आयुक्त हटाने की मांग

Motion Against CEC Gyanesh Kumar: नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के बाद विपक्ष मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ लामबंद होती नजर आ रही है। दरअसल विपक्षी गठबंधन INDIA के कुल 193 सांसदों ने ज्ञानेश कुमार को भारत के चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त पद से हटाने की मांग को लेकर नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें से 130 सांसद लोकसभा के हैं, जबकि 63 सांसद राज्यसभा के सदस्य हैं। यह नोटिस शुक्रवार यानी आज संसद के दोनों सदन यानी लोकसभा और राज्यसभा में एकसाथ रखा गया है।

सूत्रों के अनुसार, नोटिस पर हस्ताक्षर करने को लेकर विपक्षी सांसदों में काफी उत्साह देखा गया। जरूरी संख्या पूरी होने के बाद भी कई सांसदों को गुरुवार को आगे आकर इस पर हस्ताक्षर करते रहे। नियमों के अनुसार, लोकसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए कम से कम 100 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं, जबकि राज्यसभा में इसके लिए कम से कम 50 सांसदों का समर्थन होना चाहिए।

पहली बार CEC को हटाने की मांग

Motion Against Chief Election Commissioner: यदि यह नोटिस आधिकारिक रूप से पेश होता है, तो यह पहली बार होगा जब किसी मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए ऐसा प्रस्ताव लाया गया है। सूत्रों के मुताबिक़, नोटिस पर आम आदमी पार्टी के सहयोगियों ने भी हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि यह पार्टी अब औपचारिक रूप से भारत गठबंधन का हिस्सा नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार नोटिस में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सात आरोप लगाए गए हैं, जिनमें पक्षपातपूर्ण और भेदभावपूर्ण व्यवहार, चुनावी धोखाधड़ी की जांच में बाधा डालना और बड़ी संख्या में मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करना जैसे आरोप शामिल हैं।

चुनाव आयोग पर विपक्ष के आरोप

Motion Against Chief Election Commissioner: विपक्षी दल से पहले भी मुख्य चुनाव आयुक्त पर कई मौकों पर मतदाताओं को भारतीय जनता पार्टी की मदद करने का आरोप लगा रहे हैं। खास तौर पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर विवाद हुआ है। विपक्ष का आरोप है कि यह प्रक्रिया केंद्र की मतदाताओं को पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए की जा रही है। वहीं ममता बनर्जी ने भी भारत के चुनाव आयोग पर पश्चिम बंगाल में इस प्रक्रिया के दौरान असली मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप लगाया है।

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Q1. मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए कितने सांसदों की जरूरत होती है?

लोकसभा में कम से कम 100 और राज्यसभा में 50 सांसदों के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं।

Q2. ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव क्यों लाया गया है?

विपक्ष ने उन पर पक्षपातपूर्ण व्यवहार और चुनावी प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप लगाए हैं।

Q3. क्या पहले कभी CEC को हटाने के लिए प्रस्ताव आया है?

नहीं, भारत के इतिहास में पहली बार मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का प्रस्ताव लाने की कोशिश हुई है।