कोविड उपचार के लिए 10 हजार रूपये की सहायता की सीमा तय करना न्यायसंगत नहीं: अदालत

कोविड उपचार के लिए 10 हजार रूपये की सहायता की सीमा तय करना न्यायसंगत नहीं: अदालत

कोविड उपचार के लिए 10 हजार रूपये की सहायता की सीमा तय करना न्यायसंगत नहीं: अदालत
Modified Date: November 29, 2022 / 08:21 pm IST
Published Date: May 5, 2021 1:29 pm IST

नयी दिल्ली, पांच मई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को दिल्ली सरकार से कहा कि वह कोविड-19 उपचार के लिए श्रमिकों और उनके आश्रितों को दी जानी वाली वित्तीय सहायता पर 10 हजार रुपये की सीमा तय करने को न्यायसंगत नहीं ठहरा सकती क्योंकि परिवार के एक से ज्यादा सदस्य के संक्रमित होने पर यह राशि पर्याप्त नहीं होगी।

न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने कहा कि कोविड-19 बेहद संक्रामक बीमारी है और परिवार में एक व्यक्ति संक्रमित होता है तो अन्य भी संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं, ऐसे में प्रत्येक मरीज को दवाओं की आवश्यकता होगी।

दिल्ली सरकार के भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड की ओर से पेश वकील उरवी मोहन को अदालत ने उसके द्वारा वित्तीय सहायता की राशि के संबंध में जतायी गई चिंता के बारे में निर्देश लेने को भी कहा।

मोहन ने अदालत को बताया कि बोर्ड ने उसके पास पंजीकृत श्रमिक तथा उस पर आश्रित किसी व्यक्ति के संक्रमित होने की सूरत में उपचार के वास्ते 5,000 रुपये की वित्तीय सहायता देने का आदेश जारी किया है जोकि अधिकतम 10,000 रुपये तक हो सकती है। इसके बाद अदालत ने मोहन को यह निर्देश दिए।

भाषा शफीक माधव

माधव


लेखक के बारे में