बेंगलुरु, 29 मई (भाषा) कर्नाटक के निवर्तमान उपमुख्यमंत्री डी.के शिवकुमार ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से सिद्धरमैया के इस्तीफा के बाद उनके के प्रति ‘‘कृतज्ञता और सम्मान’’ प्रकट करते हुए शुक्रवार को कहा कि उनके साथ काम करना सौभाग्य की बात रही है।
मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार एवं सिद्धरमैया के नेतृत्व में उपमुख्यमंत्री रहे शिवकुमार ने कहा कि उनका मार्गदर्शन भविष्य में भी सबको प्रेरणा देता रहेगा और सबको मजबूत करता रहेगा।
शिवकुमार ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘जैसा कहा जाता है-अगर तेज चलना हो तो अकेले चलो, अगर दूर तक चलना हो तो साथ चलो-कर्नाटक की जनता के लिए यह सफर मिलकर आगे बढ़ाने की उम्मीद है।’’
राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री पद से सिद्धरमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया और उनके नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल को भंग कर दिया।
सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार दोनों नेतृत्व परिवर्तन और नए मंत्रिमंडल के गठन पर चर्चा के लिए कांग्रेस आलाकमान से मिलने दिल्ली में हैं।
शिवकुमार ने कहा, ‘‘ईश्वर न वरदान देता है, न श्राप। वह केवल अवसर देता है। असली बात यह है कि हम उन अवसरों का क्या करते हैं। सिद्धरमैया का जीवन इस विचार का सबसे सुंदर प्रतिबिंब है।’’
उन्होंने कहा कि मैसुरू के एक छोटे से गांव से निकलकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री तक का उनका सफर दृढ़ता, लगन और सामाजिक न्याय के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की मिसाल है।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष रहे शिवकुमार ने कहा, ‘‘जैसा कि वह मुख्यमंत्री पद छोड़ रहे हैं, मैं कर्नाटक की जनता के प्रति उनकी वर्षों की सेवा और नेतृत्व के लिए उनके प्रति अपनी कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त करता हूं।’’
उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि सिद्धरमैया के कार्यकाल में लागू की गई कई जनकल्याण योजनाओं और विकास पहलों का कर्नाटक की प्रगति में महत्वपूर्ण स्थान रहेगा।
शिवकुमार ने कहा, ‘‘लगभग पांच दशकों के सार्वजनिक जीवन में उन्होंने जन-केंद्रित शासन और समावेशी नेतृत्व के जरिए हमारे राज्य के राजनीतिक और सामाजिक ताने-बाने को आकार दिया है।’’
उन्होंने याद किया, ‘‘2020 में जब से मुझे प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई, सिद्धरमैया एक मजबूत स्तंभ की तरह मेरे साथ खड़े रहे। हमने कंधे से कंधा मिलाकर पार्टी को मजबूत करने और उसके विचारों को जनता तक पहुंचाने का काम किया।’’
शिवकुमार ने कहा कि उपमुख्यमंत्री के रूप में सिद्धरमैया के साथ काम करना और उनके अनुभव, बुद्धिमता और राजनीतिक दूरदर्शिता से लगातार सीखते रहना अपने आप में सौभाग्य की बात रही।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं आशा करता हूं कि कर्नाटक की प्रगति और कल्याण की दिशा में काम करते हुए उनका मार्गदर्शन आने वाले वर्षों में हम सबको प्रेरित करता रहेगा और हमें ताकत देता रहेगा।’’
भाषा खारी मनीषा
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