Noida Metro Rail Corporation | Photo Credit: AI
लखनऊ: Noida Metro Rail Corporation ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना को बुधवार को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) इस परियोजना का प्रेजेंटेशन पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) के सामने पेश करेगा। बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद परियोजना के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह मेट्रो कॉरिडोर ग्रेटर नोएडा वेस्ट (Greater Noida West Metro) के लाखों लोगों के लिए आवागमन को आसान बनाएगा।
Noida Metro Rail Corporation प्रस्तावित मेट्रो लाइन सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 (किसान चौक) तक बनाई जाएगी। करीब 7.5 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर पांच स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें सेक्टर-61, सेक्टर-70, सेक्टर-122, सेक्टर-123 और सेक्टर-4 (किसान चौक) शामिल हैं। एनएमआरसी के अनुसार, परियोजना की अनुमानित लागत करीब 900 करोड़ रुपये है।
परियोजना पूरी होने के बाद इस मेट्रो लाइन को आगे चलकर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) से जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गौड़ चौक और नोएडा के बीच सफर अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगा।
एनएमआरसी का अनुमान है कि इस मेट्रो परियोजना से प्रतिदिन दो लाख से अधिक यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा। इसके अलावा सड़क पर वाहनों का दबाव कम होने से ट्रैफिक जाम की समस्या में भी राहत मिलने की उम्मीद है। परियोजना को केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार, नोएडा प्राधिकरण और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण मिलकर वित्तीय सहयोग देंगे। PIB से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण एजेंसी का चयन कर कार्य शुरू किया जाएगा।