कांग्रेस ने सुभाष चंद्रा मामले पर कहा: यह सिर्फ ‘हेयरकट’ नहीं, ‘मुंडन’ भी है

कांग्रेस ने सुभाष चंद्रा मामले पर कहा: यह सिर्फ 'हेयरकट' नहीं, 'मुंडन' भी है

कांग्रेस ने सुभाष चंद्रा मामले पर कहा: यह सिर्फ ‘हेयरकट’ नहीं, ‘मुंडन’ भी है
Modified Date: August 27, 2026 / 12:05 pm IST
Published Date: August 27, 2026 12:05 pm IST

नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) कांग्रेस ने व्यवसायी सुभाष चंद्रा के मामले में राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) द्वारा मंजूर पुनर्भुगतान योजना को लेकर बृहस्पतिवार को निशाना साधते हुए कहा कि लेनदारों को करीब 22,006.57 करोड़ रुपये के स्वीकृत दावों के मुकाबले महज 6.5 करोड़ रुपये मिलना ‘‘सिर्फ हेयरकट नहीं, बल्कि मुंडन’’ है और इससे दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी), 2016 का मजाक बनता है।

मुख्य विपक्षी दल के दावे पर फिलहाल चंद्रा और उनकी कंपनी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि वित्तीय शब्दावली में जब लेनदारों को बकाया रकम का केवल एक हिस्सा मिलता है तो अंतर को प्रतिशत के रूप में ‘हेयरकट’ कहा जाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण ने अभी एक जाने-माने कारोबारी की पुनर्भुगतान योजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत लेनदारों को करीब 22,006.57 करोड़ रुपये के स्वीकृत दावों के मुकाबले केवल 6.5 करोड़ रुपये मिलेंगे।’’

कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘यह सिर्फ हेयरकट नहीं है। यह वास्तव में मुंडन है और दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता, 2016 का पूरा मजाक बनाता है।’’

एनसीएलटी ने मीडिया कारोबारी सुभाष चंद्रा की व्यक्तिगत दिवाला समाधान प्रक्रिया में करीब 22,006.57 करोड़ रुपये के स्वीकृत कर्ज दावों के निपटान के लिए 6.5 करोड़ रुपये के भुगतान वाली पुनर्भुगतान योजना को मंजूरी दी है।

इस योजना को मंजूरी मिलने से कर्जदाताओं को करीब 99.97 प्रतिशत बकाया का नुकसान (हेयरकट) स्वीकार करना होगा।

भाषा हक तान्या मनीषा

मनीषा


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